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राज्य कृषि समाचार (State News)

‘उपज से उद्यम’ की ओर मंदसौर के किसान, आय बढ़ाने के लिए बनेगी नई कार्ययोजना  

02 सितंबर 2026, भोपाल: ‘उपज से उद्यम’ की ओर मंदसौर के किसान, आय बढ़ाने के लिए बनेगी नई कार्ययोजना – किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंदसौर जिले के कलेक्टर दिव्यांक सिंह की पहल पर कृषि विज्ञान केंद्र में ‘उपज से उद्यम’ विषय पर जिले के प्रगतिशील किसानों के साथ महत्वपूर्ण परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में कलेक्टर ने जिले की कृषि को नई पहचान दिलाने और मंदसौर को देश में एक कृषि ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए किसानों के सुझावों पर आधारित कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। 

कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन के अलावा कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता और उद्योग विभाग के अधिकारी तथा जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक मौजूद रहे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 50 प्रगतिशील किसानों ने अपने नवाचारों और कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे नए प्रयोगों की जानकारी साझा की।

किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस

कलेक्टर दिव्यांक सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए अग्रगामी कार्ययोजना तैयार कर रहा है। किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की जाएगी। किसानों की उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट लिंकेज विकसित करने पर काम किया जाएगा। 

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जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए साप्ताहिक हाट तक सीमित रहने के बजाय बड़े स्तर पर बाजार और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही सहकारी आधार पर किसानों के समूह और क्लस्टर तैयार कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

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मंडी, स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधाओं पर जोर

परिचर्चा में किसानों ने मंडी में भुगतान में देरी की समस्या सामने रखी। कलेक्टर ने इसके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने किसानों के खेतों में तार फेंसिंग के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही। कलेक्टर ने कहा कि किसानों द्वारा दिए गए सुझावों का अध्ययन कर उन्हें कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। फसलों के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी काम किया जाएगा। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कृषि क्लस्टर बनाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

किसानों को उनकी उपज की प्रोसेसिंग का लाभ दिलाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया। प्रयास रहेगा कि किसान अपनी उपज का प्रसंस्करण स्थानीय स्तर पर कर सकें, जिससे उन्हें उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके।

मंडी में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

कलेक्टर ने बताया कि जिले की मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए भी आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इनमें सीसीटीवी कैमरे, टोकन सिस्टम में सुधार और जैविक फसलों के लिए पृथक व्यवस्था जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मंदसौर जिले में किसानों को खेती के माध्यम से आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा मौजूद है। जिले की बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के माध्यम से किसानों की उपज को मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं हैं।

कलेक्टर ने कहा कि परिचर्चा में किसानों से मिले सुझावों के आधार पर जल्द ही कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर उसे धरातल पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को केवल उपज उत्पादक तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार से जोड़कर ‘उपज से उद्यम’ की ओर आगे बढ़ाना है।

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