राज्य कृषि समाचार (State News)

शाजापुर में CM मोहन यादव के बड़े ऐलान: किसानों को सालभर मिलेगा एक ही फसल ऋण और दिन में सिंचाई के लिए बिजली  

10 जुलाई 2026, शाजापुर: शाजापुर में CM मोहन यादव के बड़े ऐलान: किसानों को सालभर मिलेगा एक ही फसल ऋण और दिन में सिंचाई के लिए बिजली – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार में ‘कृषि और कृषक’ सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आधारभूत विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि अब किसानों को खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग फसल ऋण लेने की जरूरत नहीं होगी। प्रदेश सरकार पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण उपलब्ध कराएगी। साथ ही किसानों को चरणबद्ध तरीके से दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री गुरुवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील में आयोजित किसान समृद्धि संकल्प सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 30 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इनमें करीब 1.45 करोड़ रुपये के चार कार्यों का भूमि-पूजन और 29.39 करोड़ रुपये के आठ कार्यों का लोकार्पण शामिल है। सम्मेलन में किसानों ने भावांतर भुगतान योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण चुकाने की अवधि बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का हल भेंटकर और गजमाला पहनाकर स्वागत किया, जबकि महिला किसानों ने उन्हें राखी बांधकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए।

55 लाख हेक्टेयर से अधिक पहुंचा सिंचाई का रकबा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है, जिससे कृषि उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना समेत विभिन्न नदी जोड़ो योजनाओं से लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इन परियोजनाओं का लाभ शाजापुर सहित प्रदेश के कई जिलों के किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शाजापुर जिले के हर गांव तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है।

प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहन राशि देगी। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से गौपालकों को विशेष सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक प्रदेश की महिलाओं के खातों में करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों में निवेश बढ़ने के साथ युवाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में किया पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया। साथ ही हराभरा कालापीपल अभियान के अंतर्गत चार लाख पौधे लगाने के लक्ष्य की सराहना करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जनभागीदारी से पौधरोपण बेहद जरूरी है।

30.86 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में स्कूल भवनों के अतिरिक्त कक्ष, सीसी रोड, टीन शेड, पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्टॉप डेम, पुल निर्माण, आंगनवाड़ी भवन और सामुदायिक भवन सहित कुल 12 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 30 करोड़ 86 लाख रुपये है। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कालापीपल में रोड शो कर नागरिकों का अभिवादन किया। नायरा पेट्रोल पंप से सभा स्थल तक निकले रोड शो के दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा, साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। पूरे मार्ग में बैंड-बाजों और जयघोष के बीच नागरिकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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