राज्य कृषि समाचार (State News)

खरपतवारनाशी के उपयोग से मक्का फसल को नुकसान, कृषि आदान विक्रेता का लाइसेंस निलंबित

30 अगस्त 2026, भोपाल: खरपतवारनाशी के उपयोग से मक्का फसल को नुकसान, कृषि आदान विक्रेता का लाइसेंस निलंबित – मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के विकासखंड रामा के ग्राम छोटी हीड़ी में खरपतवारनाशी रसायन के उपयोग से किसानों की मक्का फसल प्रभावित होने के मामले में कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। मेसर्स भंडारी ब्रदर्स, पारा का पौध संरक्षण औषधि विक्रय संबंधी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संबंधित विक्रेता द्वारा ग्राम छोटी हीड़ी के कृषक श्री बादू पिता सोमला सहित तीन अन्य किसानों को मक्का फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए एनएफएल कंपनी के खरपतवारनाशी एट्राजीन एवं ट्रोप्रामिजोन का विक्रय किया गया था। रसायन के उपयोग के बाद किसानों की मक्का फसल गंभीर रूप से प्रभावित हुई। फसल में पौधों के जलने और मरने जैसी स्थिति सामने आई।

कलेक्टर ने खेतों में पहुंचकर किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत रामा विकासखंड के भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ग्राम छोटी हीड़ी पहुंचे थे। उन्होंने स्वयं खेतों में उतरकर प्रभावित मक्का फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने उन्हें मौके पर फसल की स्थिति से अवगत कराया। निरीक्षण में फसल प्रभावित पाए जाने पर कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही मेसर्स भंडारी ब्रदर्स, पारा के कीटनाशी औषधि विक्रय संबंधी लाइसेंस को निलंबित करने के निर्देश दिए गए थे।

जांच दल ने लिए रसायनों के नमूने

प्रभावित किसानों ने मामले की शिकायत भी दर्ज कराई है। प्रकरण सामने आने के बाद किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने कृषि वैज्ञानिकों को शामिल करते हुए जांच दल गठित किया। जांच दल ने प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। दल की अनुशंसा के आधार पर मेसर्स भंडारी ब्रदर्स, पारा के प्रतिष्ठान से किसानों को बेचे गए एनएफएल कंपनी के एट्राजीन एवं ट्रोप्रामिजोन के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को गुणवत्ता विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण दल में कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य सहित कृषि विभाग के अधिकारी शामिल रहे। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच परिणाम के आधार पर प्रकरण में आगामी समुचित कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्तायुक्त कृषि आदान ही बेचने के निर्देश

कलेक्टर डॉ. भरसट ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि किसानों को केवल गुणवत्तायुक्त कृषि आदान ही बेचे जाएं। साथ ही रसायनों के उपयोग, निर्धारित मात्रा और प्रयोग की विधि के संबंध में किसानों को उचित परामर्श दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सही जानकारी और गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने से कृषि आदान विक्रेताओं के प्रति किसानों का विश्वास बढ़ेगा और बेहतर फसल उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उप संचालक कृषि श्री एस.एस. चौहान ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे प्रतिष्ठित कंपनियों के कृषि रसायनों का ही क्रय करें। खरीदी के समय विक्रेता से बिल जरूर लें और बिल में अंकित राशि से अधिक भुगतान न करें।

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