दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में मध्यप्रदेश का सशक्त अभियान
30 दिसंबर 2025, भोपाल: दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में मध्यप्रदेश का सशक्त अभियान – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी संकल्प के अनुरूप प्रदेश में दैनिक दुग्ध उत्पादन क्षमता को वर्तमान 9.00 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर आगामी तीन वर्षों में 20 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाने की दिशा में मध्यप्रदेश शासन का पशुपालन एवं डेयरी विभाग लगातार ठोस और अभिनव प्रयास कर रहा है।
प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव के निर्देशन में विभाग द्वारा इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रदेशव्यापी दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान तीन चरणों में संचालित किया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण 02 अक्टूबर से 09 अक्टूबर 2025 तक आयोजित किया गया, जिसमें 10 या उससे अधिक दुधारू पशु रखने वाले पशुपालकों से पशुपालन विभाग के प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं द्वारा गृह-भेंट कर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया गया।
अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ है, जिसे विभिन्न जिलों में 10 से 15 दिवस की अवधि में पूर्ण किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों द्वारा अपनाए जा रहे पारंपरिक पशुपालन तरीकों में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आंशिक सुधार कर दुग्ध उत्पादन व्यवसाय की लाभप्रदता में गुणात्मक वृद्धि करना है। इसके अंतर्गत गृह-भेंट के माध्यम से पशुपालकों को नस्ल सुधार, संतुलित पशु पोषण तथा पशु स्वास्थ्य से जुड़ी आधुनिक एवं उन्नत तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. अभिजीत शुक्ला तथा पशु प्रजनन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता धमिजा द्वारा तहसील बैरसिया, जिला भोपाल में पशुपालकों के घर जाकर 05 से 09 पशुधन का अवलोकन किया गया। इस दौरान पशुपालकों से पशुपालन में होने वाले व्यय एवं आय पर विस्तार से चर्चा की गई तथा पशु प्रजनन, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य की तकनीकों में आवश्यक सुधार अपनाकर किस प्रकार लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है, इस पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
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