राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश: सागर में गौशालाओं में हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन शुरू, गोवंश को मिलेगा पौष्टिक आहार

17 अप्रैल 2026, भोपालमध्यप्रदेश: सागर में गौशालाओं में हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन शुरू, गोवंश को मिलेगा पौष्टिक आहार – मध्य प्रदेश के सागर जिले में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला समूह के द्वारा संचालित गौशालाओं में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में हाइड्रोपोनिक्स विधि से चारा उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया गया है। ग्रीष्म काल में पशुओं को उत्तम क्वालिटी का चारा प्राप्त नहीं हो पता सूखे भूसे चारे को चबाने में और खाने पचाने में पशुओं को परेशानी होती है। जबकि हरा चारा ग्राम स्तर पर उपलब्ध हो पाना बहुत कठिन होता है। ऐसी अवस्था में गौशाला में पल रही निराश्रित गोवंश का पालन करने के लिए हाइड्रोपोनिक विधि से चारा उत्पादन किया जाना एक उत्तम और कारगर तरीका है।

जिले के ग्राम बसारी में गौशाला में चारा उत्पादन का कार्य इस विधि से प्रारंभ किया गया है। गौशाला संचालक कृष्ण महिला समूह की अध्यक्ष श्रीमती सपना कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने प्लास्टिक की ट्रे में हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन का कार्य शुरू किया है। इसके लिए वे प्रत्येक फ्रेम में लगभग 500 से 700 ग्राम अनाज के दोनों को जो पहले से अंकुरित कर लिए जाते हैं। 

इन दानों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जाता है थोड़ी ही दिनों में अंकुरित पौधे के रूप में विकसित होना शुरू हो जाता है। प्रत्येक ट्री में लगभग 5 से 6 किलो चार 10 दिनों के भीतर बनकर तैयार हो जाता है जिसे पशु आहार में मिलते हुए भूसे के साथ गौशाला में पल रहे पशुओं को खाने को दिया जाता है पशु इसे बड़े चाव से कहते हैं क्योंकि यह मिट्टी के बिना तैयार किया जाता है इसलिए इसे चबाने में पशुओं को कोई दिक्कत नहीं होती इसके साथ-साथ इसकी पौष्टिक जड़ें पशुओं में प्रोटीन की कमी को पूरा करती है। पौधा बनाने में वे केवल गेहूं का इस्तेमाल नहीं करती बल्कि जौं, मक्का व अन्य अनाज भी मिक्स किए जाते हैं।

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