राज्य कृषि समाचार (State News)

कृषक उन्नति योजना: छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश, खरीफ 2025 से मिलेगा किसानों को सीधा लाभ

10 जुलाई 2025, भोपाल: कृषक उन्नति योजना: छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश, खरीफ 2025 से मिलेगा किसानों को सीधा लाभ – छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधनों की लागत में राहत देने और फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कृषक उन्नति योजना’ को खरीफ 2025 से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और आधुनिक कृषि तकनीक जैसे जरूरी आदानों पर सीधी आर्थिक सहायता देगी, जिससे खेती न सिर्फ आसान होगी, बल्कि लाभदायक भी बन सकेगी। सरकार ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

क्यों लाई गई यह योजना?

राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितता और कृषि आदानों की बढ़ती लागत किसानों की आमदनी पर असर डालती है। किसान बेहतर बीज, खाद या तकनीक में निवेश नहीं कर पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने यह योजना शुरू की है ताकि किसान कम लागत में अच्छी खेती कर सकें।

किसे मिलेगा योजना का लाभ?

1. सिर्फ वही किसान लाभ के पात्र होंगे जिन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण कराया हो।
2. किसान ने खरीफ मौसम में सहकारी समितियों या बीज निगम से धान या धान बीज खरीदा हो और समर्थन मूल्य पर धान बेचा हो।
3. अब अगर ऐसा किसान अगली खरीफ में धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास उगाएगा, तो उसे योजना का लाभ मिलेगा।

कितनी और कैसी मदद मिलेगी?

1. धान से दूसरी फसल में बदलाव करने पर:– ₹11,000 प्रति एकड़ आदान सहायता मिलेगी।
2. प्रत्यक्ष रूप से दलहन, तिलहन, मक्का, लघु अनाज और कपास की खेती करने पर:– ₹10,000 प्रति एकड़ की दर से सहायता दी जाएगी।
3. सहकारी समितियों में धान बेचने वाले किसानों को:– धान की गुणवत्ता के अनुसार ₹14,931 से ₹15,351 प्रति एकड़ तक की सहायता दी जाएगी।

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भुगतान और निगरानी कैसे होगी?

1. सहायता राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए किसानों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
2. गिरदावरी सत्यापन और सहकारी संस्थाओं में धान या बीज विक्रय का रिकॉर्ड आधार होगा।
3. योजना की निगरानी और लेखा-जोखा कृषि विभाग, बीज निगम और मार्कफेड द्वारा किया जाएगा।

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इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ

ट्रस्ट, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों, कॉलेज या सरकारी संस्थाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा, बीज उत्पादक किसान की बिक्री यदि उसकी जमीन की सीमा से अधिक हुई हो, तो उसे भी लाभ नहीं मिलेगा।

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