राज्य कृषि समाचार (State News)

फार्मर आईडी नहीं बनी तो भी नहीं रुकेगी किसान सम्मान निधि, बिहार सरकार ने दी राहत

05 सितंबर 2026, पटना: फार्मर आईडी नहीं बनी तो भी नहीं रुकेगी किसान सम्मान निधि, बिहार सरकार ने दी राहत – बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है। जिन किसानों की अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें केवल इस वजह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी बनना पीएम किसान सम्मान निधि का एकमात्र अनिवार्य आधार नहीं है। हालांकि किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फार्मर आईडी जल्द से जल्द बनवा लें, ताकि कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।

राज्य में वर्तमान में करीब 73 लाख 15 हजार 434 से अधिक किसान किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य राज्य के सभी रैयत किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ना है।

खाद के ऑनलाइन आवेदन में फार्मर आईडी जरूरी

बिहार में किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था शुरू की गई है। इस व्यवस्था में फार्मर आईडी को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना आगे चलकर बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

कृषि विभाग के अनुसार राज्य में अब तक करीब 53 लाख 71 हजार 302 रैयत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। इनमें लगभग 23 लाख 73 हजार किसान ऐसे हैं, जो फार्मर आईडी होने के साथ किसान सम्मान निधि का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। वहीं करीब 29 लाख 98 हजार 302 रैयत ऐसे हैं, जिनकी फार्मर आईडी बन चुकी है, लेकिन वे पीएम किसान सम्मान निधि की श्रेणी में नहीं आते।

सिर्फ फार्मर आईडी से नहीं मिलेगा सम्मान निधि का लाभ

कृषि विभाग ने यह भी साफ किया है कि फार्मर आईडी बनवा लेना अपने आप में पीएम किसान सम्मान निधि पाने की गारंटी नहीं है। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तों को पूरा करते हैं।

बिहार में ऐसे भी कई लोग हैं, जो खेती के साथ नौकरी या अन्य व्यवसाय से जुड़े हैं और उन्होंने अपनी जमीन के आधार पर फार्मर आईडी बनवा ली है। केवल फार्मर आईडी होने से यह नहीं माना जा सकता कि वे पीएम किसान योजना के पात्र हैं।

ऐसे में किसानों के लिए संदेश साफ है—फार्मर आईडी बनवाना जरूरी है, लेकिन सम्मान निधि का लाभ पात्रता के आधार पर ही मिलेगा। सरकार की डिजिटल कृषि व्यवस्था में बढ़ते विस्तार को देखते हुए किसानों को अपनी जानकारी और जमीन से संबंधित विवरण समय पर अद्यतन रखना भी जरूरी होगा I

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