भारत इन्सेक्टीसाइड्स में जापानी कंपनी मित्सुई और निस्सो ने किया संयुक्त निवेश

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29 सितंबर 2020, इंदौर। भारत इन्सेक्टीसाइड्स में जापानी कंपनी मित्सुई और निस्सो ने किया संयुक्त निवेश कृषि रसायन उत्पादों की प्रमुख कम्पनी भारत इन्सेक्टीसाइड्स लि. (बीआईएल) अब मित्सुई एंड कम्पनी और निप्पॉन सोडा कम्पनी (निस्सो) टोक्यो के साथ संबद्ध हो गई है. इन दोनों कंपनियों ने एक विशेष प्रयोजन कम्पनी के द्वारा बीआईएल में 56 प्रतिशत भागीदारी अर्जित कर ली है. शेष शेयर्स बीआईएल के प्रमोटर्स के पास रहेंगे. बीआईएल अब मित्सुई एंड कम्पनी लि.समूह की ग्रुप कम्पनी बन गई है. इन नए संबंधों से भारत में अभिनव फसल संरक्षण उत्पाद और तकनीक लाने की क्षमता सुदृढ़ होगी.

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इस अवसर पर संस्थापक प्रमोटर श्री सतनारायण गुप्ता ने कहा कि बीआईएल ने 43 साल पहले दो उत्पादों से कार्य शुरू किया था. तब से एक लम्बा सफर तय किया है. उम्मीद है कि मित्सुई समूह का एक भाग होने के नाते बीआईएल ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा. अन्य प्रमोटर श्री एम.पी. गुप्ता और श्री आर.पी. गुप्ता ने इस नए विकास पर प्रसन्नता और उत्साह व्यक्त किया. उन्हें पूर्ण विश्वास है कि इस नए संबंध के कारण बीआईएल और अधिक रफ़्तार से आगे बढ़ेगा. बीआईएल के नव नियुक्त प्रबंध निदेशक श्री धर्मेश गुप्ता ने कहा कि कृषि रसायन उत्पाद बाजार में बीआईएल की मजबूत स्थिति मित्सुई और निस्सो के क्षेत्र में विविध अनुभव की समपूरक होगी और कृषि क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका निभाएगी. इस गठबंधन के साथ बीआईएल मित्सुई की वैश्विक सम्पत्तियों और निस्सो की विश्वस्तरीय अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं से तालमेल का उत्पाद विकास में लाभ उठाने की एक अद्वितीय स्थिति में होगा. यह गठबंधन न केवल घरेलू बाजार में बीआईएल को विकसित करने में मदद करेगा, बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी उपस्थिति का विस्तार करने में सक्षम होगा.

नई नियुक्तियां : बीआईएल की लीडरशिप में कुछ नई नियुक्तियां हुई हैं. श्री किमीहिदे कोंडो महाप्रबंधक मित्सुई ने बीआईएल को संयुक्त प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है और श्री मसानोरी कत्सुरा मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में शामिल हुए हैं. ये दोनों नई दिल्ली में कार्यरत रहेंगे. श्री किमीहिदे कोंडो ने विश्वास जताते हुए कहा कि यद्यपि मित्सुई तेजी से बढ़ते कृषि रसायन उद्योग में पहले से सक्रिय है, बीआईएल में यह निवेश हमें कृषि सुरक्षा उत्पादों के सक्रिय विनिर्माण व वितरण में भागीदारी का रोमांचक अवसर प्रदान करेगा. जापान और भारत एक मजबूत सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध साझा करते हैं और इसी भावना के साथ हम अपने वैश्विक पदचिन्ह के द्वारा भारतीय कृषि के लिए नए उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. बीआईएल, अपने महत्वाकांक्षी व्यापारिक दृष्टिकोण, प्रतिबद्ध कर्मचारियों और मजबूत औद्योगिक संबंधों के माध्यम से हमें भारत में एक मजबूत आधार हासिल करने में सहायक होगा, क्योंकि वैश्विक कृषि उद्योग पर भारत का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है.

शिखर कंपनियां

बीआईएल: 1977 में अपना परिचालन शुरू करने वाली बीआईएल, जो भारत समूह की कम्पनी है और कृषि रसायन उत्पादों के लिए सक्रिय सामग्री निर्माता है, के साथ भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति लगातार विकसित की है. बीआईएल के पास उत्पादों की विशाल श्रंृखला है, जो 26 गोदामों और 40 हजार से अधिक वितरकों और बड़ी संख्या में खुदरा विक्रेताओं के नेटवर्क के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जाती है. बीआईएल की कृषि विशेषज्ञों की टीम किसानों के साथ मिलकर काम करती है और उन्हें फसल सुरक्षा के बारे में सलाह देती है, ताकि उन्हें बेहतर पैदावार मिल सके।
मित्सुई एंड कम्पनी : 6300 करोड़ अमेरिकी डॉलर के वार्षिक राजस्व के साथ वैश्विक व्यापार और निवेश कम्पनी है. मित्सुई के पास एक विविध व्यवसाय पोर्टफोलियो है, जो एशिया, यूरोप,मध्य और दक्षिण अमेरिका,मध्य पूर्व, अफ्रीका और ओशिनिया में करीब 65 देशों तक फैला है. मित्सुई के पास 45,600 से अधिक कर्मचारी है और यह अपनी प्रतिभाओं को भरोसेमंद साझेदारों के वैश्विक नेटवर्क के सहयोग से विश्वभर में व्यापार के नए अवसरों की पहचान करके उन्हें विकसित कराने में लगाती है।
निप्पॉन सोडा कम्पनी लि. : 1920 में स्थापना के बाद से अद्वितीय तकनीकों और ज्ञान से कृषि, फार्मास्युटिकल्स और स्पेशलिटी रसायनों जैसे विविध क्षेत्रों में अत्यधिक कार्यात्मक और उच्च मूल्य संवर्धित रासायनिक उत्पाद प्रदान किए हैं।

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