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फसल की खेती (Crop Cultivation)

अजीत-199 ने बढ़ाई अच्छे कपास उत्पादन की उम्मीद

29 सितंबर 2020, इंदौर। अजीत-199 ने बढ़ाई अच्छे कपास उत्पादन की उम्मीद – भारत की प्रमुख बीज कम्पनी अजीत सीड्स प्रा. लि.अनुसंधान आधारित कम्पनी है, जो अपने शोध के माध्यम से किसानों को उत्कृष्ट किस्म के बीज उपलब्ध कराती है. इसी में से एक प्रमुख फसल कपास की है, जिसकी नवीनतम हाइब्रिड किस्म अजीत-199 के अनुभव को ग्राम दापोरा जिला बुरहानपुर के उन्नत कृषक श्री विल नारायण पाटिल ने साझा किया. श्री विल पाटिल ने कृषक जगत को बताया कि उनके संयुक्त परिवार की 150 एकड़ से अधिक जमीन है, 60 एकड़ में कपास की बुवाई की है. इनमें अजीत-199 किस्म के अलावा दो अन्य किस्में भी लगाई है. 5-5 फीट के अंतर से नालियां बनाई और लाइन ड्रिप इरिगेशन की व्यवस्था करके पहली बार अजीत-199 के 25 पैकेट लेकर 28 मई को बुवाई करके एक-एक बीज को लगाया है.

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एक एकड़ में करीब 4500-4600 कपास के पौधे लगे हैं. तीनों की तुलना में अजीत-199 का डेंडू बड़ा दिखाई दे रहा है. आमतौर पर कपास के पौधे के पत्ते के निचले हिस्से को अक्सर रसचूसक कीट क्षतिग्रस्त कर कटोरीनुमा बना देते हैं, लेकिन अजीत के कपास के रोएं मोटे होने से उनके सूंडे रस चूसने में असमर्थ रहते हैं और गुणवत्ता अच्छी रहती है. दूसरे कपास में चार स्प्रे किए हैं तो अजीत किस्म के कपास में तीन स्प्रे में ही संतोषजनक परिस्थिति देख रहे हैं. यदि मौसम और अन्य वातावरण अनुकूल रहा तो कुल 80-90 डेंडू एक पौधे में मिलेंगे. यदि एक डेंडू का औसत वजन 5 ग्राम भी मान लें तो एक पौधे से 450 -500 ग्राम कपास प्रति पौधा निकलेगा. इस तरह 4500 पौधों से 18 क्विंटल उत्पादन होने की संभावना है.

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वातावरण के बदलाव पर भी विचार कर लें तो एक एकड़ में 15 क्विंटल से अधिक उत्पादन होने की उम्मीद की ही जा सकती है. सरकार ने कपास की एमएसपी में जो वृद्धि की है, उसे देखते हुए न्यूनतम 5500 रुपए एक क्विंटल का भाव मिलेगा. इस तरह 80 से 90 हजार रु. एक एकड़ से मिलेगा. खर्च काटने के बाद भी लाभ की स्थिति में रहेंगे. श्री पाटिल ने किसानों से आह्वान किया कि वे उनके खेत में आकर अजीत-199 कपास का निरीक्षण करें और संतुष्ट होने पर आप भी अजीत- 199 लगाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त करें.

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