जलगांव: फाली-12 वार्षिक अधिवेशन के अंतिम चरण की शुरुआत
08 जून 2026, जलगांव: जलगांव: फाली-12 वार्षिक अधिवेशन के अंतिम चरण की शुरुआत – जलवायु परिवर्तन तथा मानव निर्मित आपदाओं के कारण खेती लगातार महंगी और चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। हालांकि आधुनिक तकनीक की मदद से इस नकारात्मक स्थिति को बदला जा सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कृषि क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और इन्हीं परिवर्तनों के माध्यम से भारत के विकसित राष्ट्र बनने का सपना साकार हो सकता है। बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने वाली संस्था फ्यूचर एग्रीकल्चर लीडर्स ऑफ इंडिया (FALI) आधुनिक कृषि क्षेत्र का एक सशक्त “पावर हाउस” बनकर उभर रही है। यह भावना उद्यमी प्रतिनिधियों, किसानों और फाली के विद्यार्थियों के बीच हुए संवाद में व्यक्त हुई।
जैन हिल्स में आयोजित फ्यूचर एग्रीकल्चर लीडर्स ऑफ इंडिया के 12वें वार्षिक अधिवेशन के अंतिम चरण की आज शुरुआत हुई। खेत भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने टिश्यू कल्चर पौधों की तकनीक को समझने के लिए जैन हाईटेक प्लांट फैक्ट्री, टिश्यू कल्चर लैब तथा प्रसंस्करण उद्योग को जानने के लिए जैन फार्म फ्रेश फूड के प्याज निर्जलीकरण प्रकल्प, आम प्रसंस्करण प्रकल्प सहित अन्य विभागों का दौरा किया।इसके बाद विद्यार्थियों ने गांधी रिसर्च फाउंडेशन के ‘खोज गांधीजी की’ ऑडियो-गाइडेड संग्रहालय का भ्रमण कर महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात किया। उन्होंने भविष्य की खेती मानी जाने वाली मिट्टी रहित खेती ‘फ्यूचर फार्मिंग’ और हाइड्रोपोनिक फार्मिंग का भी अनुभव प्राप्त किया।
इसके पश्चात आयोजित समूह चर्चा में फाली के विद्यार्थियों ने किसानों और उद्यमी प्रतिनिधियों से संवाद किया। परिश्रम और आकाश ग्राउंड पर आयोजित चर्चाओं में किसान नारायण पाचपांडे, उमाकांत भारंबे, सागर पाटील, पंकज घाटे, भागवत बाजीराव पाटील, विशाल पाटील तथा कृष्णा पाटील के साथ विद्यार्थी गौरी त्रिपाठी, श्रुति चौहान, सिद्धी गावकर, शिवा देवसाकर, सेजल पाटील, प्राजक्ता भार्गव तथा विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
चर्चा के दौरान कार्बन क्रेडिट खेती, कृषि में महिलाओं का योगदान, ड्रिप सिंचाई के माध्यम से जल संरक्षण और उर्वरकों का प्रभावी उपयोग, टिश्यू कल्चर तकनीक द्वारा निर्यात योग्य उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण उद्योग के विकास के लिए आवश्यक तत्व, पोल्ट्री उद्योग, ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कृषि में हो रहे बदलाव, उत्पादन से लेकर ट्रेडिंग तक की पूरी श्रृंखला तथा नई कृषि उद्यमिता संबंधी अवधारणाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से फाली के विद्यार्थियों ने किसानों से खेती की बारीकियों, चुनौतियों और उन पर विजय पाने के लिए आवश्यक कौशल के बारे में जानकारी प्राप्त की। आकाश ग्राउंड में आयोजित किसान संवाद का संचालन जूली पटेल ने किया, जबकि परिश्रम हॉल में आयोजित समूह चर्चा का समन्वय शाबोर्नी पोद्दार ने किया
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