डिफाल्टर कृषकों पर बकाया कालातीत फसल ऋणों के ब्याज होंगे माफ

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13 मई 2023, इंदौर: डिफाल्टर कृषकों पर बकाया कालातीत फसल ऋणों के ब्याज होंगे माफ – राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के ऐसे कृषक जिन पर 31 मार्च, 2023 की स्थिति में कुल देयताएं (मूल + ब्याज) रूपये 2 लाख तक है एवं डिफाल्टर हैं, उनके ब्याज की प्रतिपूर्ति शासन द्वारा की जाएगी। कुल देयताओं की गणना में अल्पकालीन एवं मध्यकालीन परिवर्तित ऋण को शामिल किया जाएगा। गत 31 मार्च, 2023 की स्थिति पर डिफाल्टर हुए कृषकों की सूची में से केवल आवेदन करने वाले डिफाल्टर कृषकों को ही ब्याज माफी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना लागू की गयी है।

सहकारिता विभाग द्वारा इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। संभागायुक्त एवं कलेक्टर्स से कहा गया है कि सहकारिता से जुड़े लाखों किसानों से संबंधित मामला होने के कारण जिलों से अपेक्षा है कि वे इन निर्देशों के अनुरूप योजना का जिले में सफल क्रियान्वयन हेतु सूक्ष्म कार्ययोजना बनाये। अपेक्स बैंक यूटिलिटी पोर्टल में कृषकों के नाम, बकाया ऋण की मूलधन एवं ब्याज की राशि का दर्ज विवरण का मिलान जिले के उप सहायक पंजीयक एवं जिला बैंक के महाप्रबंधक द्वारा दो दिवस के अंदर समिति के रिकार्ड से कराया जाये, ताकि सही सूची का प्रकाशन कराया जा सके। पात्र कृषकों की सूची का प्रकाशन कर 14 मई से आवेदन लेने की प्रक्रिया की जाएगी। प्राप्त आवेदनों का समिति स्तर पर परीक्षण एवं पोर्टल में प्रविष्टि का कार्य 18 मई से प्रारंभ किया जाएगा।

योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी प्रक्रिया अनुसार किये जाने हेतु डिफाल्टर कृषकों की सूची में यूनिक नम्बर (सरल क्रमांक) के साथ कृषक का नाम, उस पर बकाया मूलधन एवं माफ की जाने वाली ब्याज राशि का विवरण बैंक स्तर पर यूटिलिटी पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक किया जायेगा। निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति द्वारा अपेक्स बैंक यूटिलिटी पोर्टल से कृषकों की सूची डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाला जाये। समिति प्रबंधक द्वारा उस सूची के प्रत्येक पृष्ठ पर समिति की सील सहित हस्ताक्षर किया जायेगा और उसका प्रकाशन समिति कार्यालय के सूचना पटल पर प्रकाशित किया जायेगा। योजना में लाभ प्राप्त करने हेतु सूची में शामिल कृषकों के आवेदन एवं स्व-घोषणा पत्र भरे जाने है। योजना का लाभ केवल उन्हीं कृषकों को प्राप्त होगा जिनके द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन भरे गये हों। निर्धारित आवेदन प्रपत्र पैक्स समिति अथवा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की किसी भी शाखा से कृषक को निःशुल्क उपलब्ध कराये जायेंगे। आवेदन पत्र स्थानीय स्तर पर भी प्रिंट अथवा फोटोकॉपी कराये जा सकते हैं। आवेदन फार्म भरवाने हेतु आवेदक कृषक से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। कृषक को आवेदन फार्म प्राप्त होने की पावती दी जाएगी।

कृषकों के आवेदनों का परीक्षण कर पोर्टल में प्रविष्टि की जाएगी। समिति प्रबंधक द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण प्रकाशित सूची एवं समिति के रिकार्ड के आधार पर किया जायेगा। समिति प्रबंधक द्वारा प्रत्येक आवेदन पत्र की जानकारी को यूटिलिटी पोर्टल में प्रविष्टि की जायेगी। आवेदन की पोर्टल में प्रविष्टि हेतु कृषक से कोई भी शुल्क नही लिया जायेगा। समिति प्रबंधक द्वारा परीक्षण उपरांत स्वीकृत प्रकरणों में ब्याज दावे की प्राप्ति हेतु प्रस्ताव जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मुख्यालय को प्रेषित किया जायेगा। समिति द्वारा स्वीकृत एवं अस्वीकृत प्रकरणों के संबंध में किसानों से दावे/आपत्ति भी प्राप्त की जाएगी। जिले में प्राप्त आपत्तियों को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा संकलित कर जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति में प्रस्तुत कर निराकरण कराया जायेगा। लाभान्वित कृषकों को डिफाल्ट मुक्ति प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे। लाभान्वित कृषकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर योजना अंतर्गत ऋण स्वीकृत कर पूर्व कालातीत बकाया मूलधन की राशि तक ऋण वितरण किया जा सकेगा। योजनान्तर्गत लाभान्वित कृषकों को कृषि कार्य के लिए खाद उपलब्ध कराने हेतु यह विशेष सुविधा दी जाएगी कि जितनी राशि कृषक अपने ऋण खाते में नगद जमा करेंगे, उतनी राशि तक का खाद समिति से ऋण के रूप में कृषक प्राप्त कर सकेंगे।

योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए वर्तमान एवं भूतपूर्व पदाधिकारी सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका/नगर पंचायत/नगर निगम के अध्यक्ष/महापौर, कृषि उपज मण्डी के अध्यक्ष, सहकारी बैंकों के अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम, मण्डल अथवा बोर्ड के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष, समस्त आयकरदाता, भारत सरकार तथा प्रदेश सरकार के समस्त शासकीय अधिकारी/कर्मचारी तथा इनके निगम/मण्डल/अर्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को छोड़कर) 15 हजार रूपए प्रतिमाह या उससे अधिक पेंशन प्राप्तकर्ता (भूतपूर्व सैनिकों को छोड़कर), जीएसटी में दिनांक 12 दिसम्बर, 2018 या उससे पूर्व पंजीकृत व्यक्ति/फर्म/ फर्म के संचालक/फर्म के भागीदार अपात्र होंगे।

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