राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर: ‘शितिज 2.0’ बूट कैंप से स्टार्टअप एवं नवाचार को मिला बढ़ावा

23 जुलाई 2026, इंदौरइंदौर: ‘शितिज 2.0’ बूट कैंप से स्टार्टअप एवं नवाचार को मिला बढ़ावा – आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (NSRI), इंदौर के एग्री- बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर (ABI) द्वारा ‘शितिज 2.0’ पैन इंडिया स्टार्टअप इन्क्यूबेशन अभियान के अंतर्गत बूट कैंपों की श्रृंखला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं नवाचार कर्ताओं को संस्थान में उपलब्ध इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा स्टार्टअप विकास के अवसरों से परिचित कराना था।

16 जुलाई को संस्थान में आयोजित आईसीएआर स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित बूट कैंप में 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. एम. पी. शर्मा, अध्यक्ष, एग्री-बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर ने प्रतिभागियों को एबीआई द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली मेंटोरिंग, तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पाद विकास, व्यवसाय योजना, उद्योगों से संपर्क, बाजार उपलब्धता तथा स्टार्टअप स्थापना एवं विस्तार हेतु विभिन्न सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शितिज 2.0 देशभर के नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अपने विचारों को सफल उद्यम में बदलने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहा है।

इसी क्रम में सेज (SAGE) विश्वविद्यालय, इंदौर के 50 विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों के लिए एक विशेष बूट कैंप आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. मिलिंद रत्नपारखे ने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों एवं नवाचार आधारित पहलों की जानकारी दी। डॉ. एम. पी. शर्मा ने एग्री-बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर की कार्यप्रणाली, स्टार्टअप सहायता, वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग तथा राष्ट्रीय स्तर पर संचालित इन्क्यूबेशन कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। डॉ. नेहा पांडे ने सोया खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, सोया आधारित उत्पाद विकास तथा उद्यमिता की अपार संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संस्थान में उपलब्ध सोया फूड प्रोडक्ट इन्क्यूबेशन सुविधाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।

 कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को शितिज 2.0 के अंतर्गत उपलब्ध मेंटोरिंग, अत्याधुनिक अनुसंधान एवं प्रसंस्करण सुविधाएं, उत्पाद विकास, परीक्षण, प्रोटोटाइप निर्माण, उद्योग  विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, नेटवर्किंग तथा व्यवसायीकरण के अवसरों की जानकारी दी गई। साथ ही पैन इंडिया इन्क्यूबेशन ड्राइव के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया एवं स्टार्टअप सहायता तंत्र से भी परिचित कराया गया।

शितिज 2.0 अभियान के अंतर्गत तीसरा बूट कैंप 22 जुलाई को   ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से 12 संभावित उद्यमियों, स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों एवं संभावित इन्क्यूबेटियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर डॉ. एम. पी. शर्मा ने एग्री-बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर, आईसीएआर-एनएसआरआई, इंदौर द्वारा प्रदान की जाने वाली हैंडहोल्डिंग, मेंटोरिंग, तकनीकी मार्गदर्शन, उत्पाद विकास, व्यवसाय परामर्श तथा इन्क्यूबेशन सेवाओं पर विस्तृत अभिमुखीकरण (Orientation) प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों ने इन्क्यूबेशन कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई तथा भविष्य में संस्थान के साथ जुड़कर उद्यम स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. नेहा पांडे ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए शितिज 2.0 अभियान में उनके उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं रुचि के लिए धन्यवाद दिया।
बूट कैंपों की इस श्रृंखला में प्रतिभागियों के उत्साह, जिज्ञासा एवं सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम की सफलता को प्रतिबिंबित किया। संस्थान ने आशा व्यक्त की कि शितिज 2.0 के माध्यम से कृषि, सोया प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में नए स्टार्टअप एवं नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया और कृषि उद्यमिता को नई गति प्राप्त होगी।

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