सोयाबीन में पीला मोजेक और इल्ली का बढ़ा खतरा, KVK ने किसानों को बचाव के बताए उपाय
12 अगस्त 2026, नई दिल्ली: सोयाबीन में पीला मोजेक और इल्ली का बढ़ा खतरा, KVK ने किसानों को बचाव के बताए उपाय – मध्यप्रदेश के हरदा जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी (पौध संरक्षण) डॉ. मुकेश कुमार बंकोलिया ने सोयाबीन किसानों को पीला मोजेक रोग नियंत्रण हेतु सलाह दी है कि रोग के लक्षण दिखते ही संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें। सफेद मक्खी नियंत्रण हेतु खेत में पीले स्टिकी ट्रैप लगाएं।
रोग वाहक नियंत्रण हेतु थायमेथॉक्साम 12.60 प्रतिशत $ लेम्ब्डा सायहेलोथ्रिन 9.50 प्रतिशत जेडसी 50 मिली/एकड़ अथवा बीटा सायफ्लूथ्रिन $ इमिडाक्लोप्रिड 140 मिली/एकड़ का उपयोग करें। डॉ. बंकोलिया ने सलाह दी कि राइजोक्टोनिया एरियल ब्लाइट (फफूंद जनित रोग) के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पाइरोक्लोस्ट्रोबिन $ इपोक्सिकोनाज़ोल 300 मिली/एकड़ फफूंदनाशक का छिड़काव करें।
सेमीलूपर (इल्ली) पत्तियां खाने वाली इल्ली से बचाव हेतु इमामेक्टिन बेंजोएट 1.90 प्रतिशत 170 मिली/एकड़ अथवा फ्लुबेंडामाइड 39.35 एससी 60 मिली/एकड़ के मान से छिड़काव करें। वहीं केंद्र प्रमुख डॉ संध्या मुरे ने आग्रह किया है कि किसी भी तरह की फसल संबंधी समस्या होने पर पौधे को मिट्टी सहित उखाड़ कर कृषि विज्ञान केंद्र पर भी लाया जा सकता है।
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