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राज्य कृषि समाचार (State News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना हितग्राहियों को किया 7 करोड़ रु. का भुगतान

16 मार्च 2023, रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में  मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना हितग्राहियों को किया 7 करोड़ रु. का भुगतान – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बुधवार को यहां विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 7 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया, जिसमें 16 फरवरी से 28 फरवरी तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.13 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4 करोड़ 25 लाख रूपए, गौठान समितियों को 1.65 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 1.14 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में गौठान स्वावलंबी हो रहे हैं। स्वावलंबी गौठानों को प्रोत्साहित करने के लिए गौठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष और सदस्य को मानदेय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने अन्य गौठानों को भी स्वावलंबी होने का आग्रह किया। श्री बघेल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि अब गोबर से अन्य उत्पादों के बनाने के अलावा बिजली बनाने का काम शुरू हो गया है। बस्तर के डोमरपाल में गोबर से बिजली बनाने के संयंत्र को ग्रिड से सिंक्रोनाईज किया जा चुका है। इससे बनने वाली बिजली की दर 9 रूपए प्रति यूनिट तय कर दी गई है।  

यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी में स्वावलंबी गौठान न सिर्फ अपनी सहभागिता निभा रहे हैं बल्कि निरंतर बढ़त बनाए हुए हैं। बीते कई पखवाड़ों से गोबर खरीदी के एवज में भुगतान की जा रही राशि में स्वावलंबी गौठानों की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत तक रहने लगी है। आज की स्थिति में 50 फीसदी से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर एवं गौमूत्र की खरीदी के साथ-साथ गौठान की अन्य गतिविधियों को स्वयं की राशि से पूरा कर रहे हैं। 16 फरवरी से 28 फरवरी तक गौठानों में कुल 2.13 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है, जिसके एवज में गोबर विक्रेताओं को अंतरित की जाने वाली 4.25 करोड़ रूपए की राशि में से 1.92 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 2.33 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबी गौठानों द्वारा गोबर खरीदी के एवज में अब तक 45.52 करोड़ रूपए का भुगतान स्वयं की राशि से किया गया है।

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