Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

IMD Alert: मध्यप्रदेश में सक्रिय हुए मौसम सिस्टम, भोपाल-ग्वालियर समेत 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

08 जून 2026, भोपाल: IMD Alert: मध्यप्रदेश में सक्रिय हुए मौसम सिस्टम, भोपाल-ग्वालियर समेत 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट – भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रीवा और जबलपुर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में झंझावात, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

इन जिलों में हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान सीहोर जिले में सर्वाधिक 36 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा खातेगांव में 27 मिमी, टोंकखुर्द और कन्नौद में 12-12 मिमी, ग्यारसपुर में 10 मिमी तथा सनावद, बड़वाह, पुनासा बांध, गुलाबगंज और देवास सहित कई स्थानों पर वर्षा रिकॉर्ड की गई। भोपाल संभाग के अधिकांश जिलों, खरगोन, खंडवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर और सिंगरौली में गरज-चमक और वर्षा की गतिविधियां दर्ज की गईं।

वहीं तेज हवाओं का असर भी कई क्षेत्रों में देखा गया। जबलपुर एयरपोर्ट पर 43 किमी प्रति घंटा, गुना में 41 किमी प्रति घंटा, उज्जैन और शिवपुरी में 37 किमी प्रति घंटा तथा सीहोर में 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

तापमान में विशेष बदलाव नहीं

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश संभागों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया, जबकि नौगांव में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

मानसून ने बढ़ाई रफ्तार

आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 जून को पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में आगे बढ़ गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दो से तीन दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों के शेष हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

सिनोप्टिक मौसम परिस्थितियां

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों के ऊपर भी चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन विस्तृत है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर उत्तर भारत के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।

इन जिलों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ झंझावात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वर्षा और तेज हवाओं की स्थिति में सिंचाई, उर्वरक प्रयोग और पौध संरक्षण रसायनों के छिड़काव से बचें। खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि जलभराव से फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचे। सब्जी फसलों, बेलदार पौधों और युवा फलदार पौधों को सहारा देकर तेज हवाओं से सुरक्षित रखें।

कटाई की गई उपज, बीज, उर्वरक और कृषि यंत्रों को तिरपाल से ढंककर सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि आंधी या बारिश की संभावना हो तो कटाई, मड़ाई और सुखाने जैसे कार्य स्थगित कर दें। पशुओं को सुरक्षित और हवादार स्थानों पर रखें तथा बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और खेतों में काम करने से बचें। मौसम विभाग ने किसानों से नवीनतम मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए उसी के अनुरूप कृषि कार्यों की योजना बनाने की अपील की है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper