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राज्य कृषि समाचार (State News)

खरीफ फसलों के रोगों को पहचान कर कीटनाशक का छिड़काव करें

04 सितम्बर 2024, सीहोर: खरीफ फसलों के रोगों को पहचान कर कीटनाशक का छिड़काव करें – वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार किसान फसलों के रोगों, उनके लक्षण और उन पर नियंत्रण के बारे में जान लें।धान की फसल में खैरा व शीथ ब्लाईट रोग खैरा रोग मिट्टी में जिंक की कमी से होता है। धान की रोपाई के 30 से 35 दिन बाद पत्तियों पर हल्के पीले धब्बे व बाद में कत्थई रंग के दिखते हैं। इसके लिए जिंक सल्फेट 21 प्रतिशत मात्रा 25 किलो या जिंक सल्फेट 33 प्रतिशत मात्रा 12.5 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करें।

शीथ ब्लाईट रोग में लीफ शीथ पर जल सतह के ऊपर से धब्बे बनने शुरू होते हैं। इनकी आकृति अनियमित होती है। इससे शीथ, तना व पत्ती पूर्णतः ग्रसित हो जाती है। इसके नियंत्रण के लिए प्रोपिकोनाजोल 20 ईसी मात्रा पर 500 मिली या हेक्साकोनाजोल 5 ईसी मात्रा 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। मक्का की फसल में मृदु रोमिल आसिता रोग पत्तियों पर हल्की हरी या पीली चौड़ी धारियां पड़ती हैं, जो बाद में गहरी लाल हो जाती हैं। फफूंदनाशक मैंकोजेब 75 डब्ल्यूपी या कार्बेन्डाजिम 50 डब्ल्यूपी की 2 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।

ज्वार की फसल में एंथ्रेक्नोज रोग पत्तियों पर छोटे लाल धब्बे दिखते हैं। यह भुट्टे निकलते समय बारिश से होता है। इसके लिए फफूंद नाशक मेन्कोजेब 75 डब्ल्यूपी 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।मूंग व उड़द में पीला रोग ग्रसित पौधों को उखाड़कर तुरंत नष्ट करें। सिंथेटिक पाइराथ्राइट्स- एल्फामेथ्रिन, सायपरमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिन कीटनाशक का उपयोग न करें। शुरुआती अवस्था (25-30 दिन) में लैम्बडा सायहेलोथ्रिन + थायमिथोक्सम मात्रा 125 मिली प्रति हैक्टेयर या बीटासाइफ्लूथ्रिन + इमिडाक्लोप्रिड मात्रा 350 मिली प्रति हेक्टेयर उपयोग करें। बाद की अवस्था (55-60 दिन) में एसिटामिप्रिड बायफेंथ्रिन मात्रा 250 मिली प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।

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अरहर की फसल में फायटोप्थोरा ब्लाईट इसमें पौधा पीला होकर सूख जाता है। तने पर जमीन के ऊपर गठान नुमा अनियमित वृद्धि होती है। पौधा हवा आदि चलने से वहीं से टूट जाता है। इसके लिए मेटालेक्सिल + मेन्कोजेब मात्रा 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।मूंगफली का टिक्का रोग पौधे की पत्तियों पर सफेद या पीले धब्बे दिखते हैं। पत्तियों के ऊपरी भागों पर धब्बे दिखते हैं। नियंत्रण के लिए फफूंद नाशक कार्बेन्डाजिम + मेन्कोजेब या मेटालेक्सिल + मेन्कोजेब मात्रा 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें।

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