राज्य कृषि समाचार (State News)

कम बारिश में फसल कैसे बचाएं? कृषि विभाग ने किसानों को दिए नमी बचाने के जरूरी सुझाव

17 जुलाई 2026, भोपाल: कम बारिश में फसल कैसे बचाएं? कृषि विभाग ने किसानों को दिए नमी बचाने के जरूरी सुझाव – मध्यप्रदेश के नीमच जिले में मानसून के आगमन में देरी और बारिश के लंबे अंतराल (ड्राई स्पेल) को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श जारी किया है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर जारी एडवाइजरी में किसानों से अपील की गई है कि वे खेतों में उपलब्ध नमी का संरक्षण करने और खड़ी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए वैज्ञानिक कृषि उपाय तत्काल अपनाएं। विभाग का कहना है कि समय पर किए गए ये उपाय फसलों पर मौसम के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के साथ उत्पादन बनाए रखने में भी मदद करेंगे।

उप संचालक कृषि  नगीन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करनी चाहिए और नमी संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।

निंदाई-गुड़ाई कर खेतों में बचाएं नमी

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में शीघ्र निंदाई-गुड़ाई कराएं और डोरा अथवा कुलपा अवश्य चलाएं। इससे मिट्टी की केशिकाएं (कैपिलरी) टूट जाती हैं, जिससे भूमि के भीतर मौजूद नमी का वाष्पीकरण कम होता है। परिणामस्वरूप फसल की जड़ों को लंबे समय तक पर्याप्त नमी मिलती रहती है और पौधों की वृद्धि प्रभावित नहीं होती।

खरपतवार नियंत्रण पर दें विशेष ध्यान

विभाग ने किसानों को खेतों में उगने वाले खरपतवारों का समय पर नियंत्रण करने की सलाह दी है। खरपतवार मिट्टी की नमी और पोषक तत्वों का बड़ा हिस्सा अपने उपयोग में ले लेते हैं, जिससे मुख्य फसल कमजोर पड़ सकती है। समय पर खरपतवार हटाने से फसल को पर्याप्त नमी और पोषण मिल सकेगा तथा उत्पादन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

कम पानी में अपनाएं ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई

जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए सीमित जल उपलब्ध है, उन्हें परंपरागत सिंचाई पद्धति की बजाय ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इन तकनीकों से कम पानी में अधिक क्षेत्र की सिंचाई संभव होती है और पानी का अधिकतम दक्षता के साथ उपयोग किया जा सकता है।

फसलों की नियमित निगरानी रखें

कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए अपनी फसलों का नियमित निरीक्षण करते रहें। यदि खेत में किसी प्रकार के कीट या रोग का प्रकोप दिखाई दे तो बिना देरी किए अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क कर वैज्ञानिक सलाह लें, ताकि समय रहते नियंत्रण किया जा सके।

समय पर अपनाएं वैज्ञानिक उपाय

उप संचालक कृषि नगीन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नमी संरक्षण से जुड़े वैज्ञानिक उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है। निंदाई-गुड़ाई, खरपतवार नियंत्रण, सूक्ष्म सिंचाई और फसलों की नियमित निगरानी जैसे सरल उपाय न केवल फसलों को सूखे जैसी स्थिति से बचाने में मदद करेंगे, बल्कि उत्पादन को भी बेहतर बनाए रखेंगे। उन्होंने किसानों से विभाग द्वारा समय-समय पर जारी कृषि सलाह का पालन करने की अपील की है, ताकि मौसम की अनिश्चितता के बीच भी खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सके।

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