राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश के 9 ज़िलों में अति भारी वर्षा की संभावना

18 जुलाई 2023, इंदौर: मध्यप्रदेश के 9 ज़िलों में अति भारी वर्षा की संभावना – मौसम केंद्र , भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के भोपाल, नर्मदापुरम ,उज्जैन, जबलपुर, और शहडोल संभागों के ज़िलों में अधिकांश स्थानों पर, रीवा, इंदौर व सागर संभागों के ज़िलों में अनेक स्थानों पर , ग्वालियर संभाग के ज़िलों में कुछ स्थानों पर तथा चम्बल संभाग के ज़िलों में कहीं -कहीं वर्षा दर्ज़ की गई। 1जून से 18 जुलाई तक दीर्घावधि औसत से मध्यप्रदेश में 16 % अधिक वर्षा हो चुकी है। पूर्वी मध्यप्रदेश में औसत से 10 % अधिक और पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से 22 % अधिक वर्षा हो चुकी है।

मौसम केंद्र के अनुसार आज प्रातः 8 :30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरमौर रायसेन ज़िलों में अति भारी वर्षा हुई, जबकि रतलाम, विदिशा, देवास, नरसिंहपुर, शहडोल और डिंडोरी ज़िलों में भारी वर्षा दर्ज़ की गई। वहीं मंदसौर, सीहोर, उज्जैन,जबलपुर, अनूपपुर , सागर और छिंदवाड़ा ज़िलों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज़ की गई। आज 18 जुलाई के नक़्शे में गहरा नीला रंग 60 % से इससे अधिक वर्षा, हल्का नीला रंग 20 % से अधिक लेकिन 60 % से कम वर्षा ,हरा रंग -19 से +19 % तक सामान्य वर्षा, लाल रंग -20 से -59 % वर्षा, पीला रंग – 60 से -99 % वर्षा और ग्रे रंग -100 % अर्थात अवर्षा का संकेत है।

मौसम केंद्र ने 19 जुलाई की प्रातः 8 :30 बजे तक के लिए मौसम का जो पूर्वानुमान व्यक्त किया है उसके अनुसार सीहोर , रायसेन,रतलाम , शाजापुर, आगर, छिंदवाड़ा ,सिवनी, मंडला और बालाघाट ज़िलों में कहीं -कहीं भारी से अति भारी वर्षा और वज्रपात होने की संभावना है ,वहीं नर्मदापुरम,विदिशा , बैतूल और हरदा ज़िलों में कहीं -कहीं भारी वर्षा और वज्रपात हो सकता है।इन क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिन ज़िलों में कहीं -कहीं भारी वर्षा / वज्रपात होने की संभावना है उनमें भोपाल , राजगढ़,खरगोन , अलीराजपुर, झाबुआ ,धार , इंदौर, उज्जैन,देवास ,मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर , शिवपुरी , डिंडोरी ,अनूपपुर , जबलपुर कटनी, नरसिंहपुर , दमोह और सागर शामिल हैं। यहाँ के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement