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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में गर्मी से हाल बेहाल, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा; सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में हीटवेव की चेतावनी

25 मई 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में गर्मी से हाल बेहाल, 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा; सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में हीटवेव की चेतावनी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा, जबकि छतरपुर जिले के नौगांव और खजुराहो में लू का प्रभाव दर्ज किया गया। नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं खजुराहो में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

IMD की रिपोर्ट के मुताबिक रीवा, जबलपुर और सागर संभागों के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। दूसरी ओर न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहडोल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया।

प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। वहीं रायसेन में न्यूनतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। दतिया में 30.4, सतना में 30.2 और गुना-राजगढ़ में 30 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

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अधिकतम तापमान की बात करें तो नौगांव और खजुराहो के अलावा दतिया में 44.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दमोह, टीकमगढ़, जबलपुर और नरसिंहपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंच गया, जबकि विदिशा में अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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कई जिलों में धूलभरी आंधी और तेज हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर में 46 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि श्योपुरकलां में हवा की गति 33 किलोमीटर प्रतिघंटा रही। भिंड और मुरैना जिलों में वज्रपात और झंझावात की स्थिति बनी रही। इसके अलावा मुरैना, श्योपुरकलां, ग्वालियर और भिंड जिलों में धूलभरी आंधी भी दर्ज की गई।

सिनोप्टिक मौसम परिस्थितियां

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा 24 मई को अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

इसके अलावा जम्मू और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण बिहार से झारखंड और ओडिशा होते हुए उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश तक ट्रफ लाइन बनी हुई है। मौसम विभाग ने 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई है।

इन जिलों में भीषण लू का अलर्ट

मौसम विभाग ने सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में कहीं-कहीं तीव्र ऊष्ण लहर यानी गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा राजगढ़, आगर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर और मैहर जिलों में भी तीव्र ऊष्ण लहर चलने की संभावना जताई गई है।

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी जिलों में भी लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की और बार-बार सिंचाई करें। सिंचाई सुबह या शाम के समय करने से पानी की बर्बादी कम होगी। खेतों में मल्चिंग का उपयोग करने और तेज गर्मी के दौरान उर्वरक एवं कीटनाशकों के छिड़काव से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों को फसलों में चूसक कीटों की नियमित निगरानी करने और समय पर नियंत्रण उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर की तेज गर्मी में कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।

पशुपालकों से कहा गया है कि पशुओं को छायादार और हवादार स्थान पर रखें तथा दिन में 3 से 4 बार साफ पीने का पानी उपलब्ध कराएं। पशुओं के आहार में खनिज मिश्रण और नमक शामिल करने तथा दोपहर 12 से 4 बजे के बीच चराई से बचने की सलाह दी गई है। गर्मी के तनाव को कम करने के लिए पशुओं पर पानी का छिड़काव और अन्य ठंडक उपाय अपनाने को भी कहा गया है।

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