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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेज, नर्मदापुरम में 43.8°C तक पहुंचा पारा; कई जिलों में लू की चेतावनी जारी

24 अप्रैल 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेज, नर्मदापुरम में 43.8°C तक पहुंचा पारा; कई जिलों में लू की चेतावनी जारी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल द्वारा जारी ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। अगले 48 घंटों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नर्मदापुरम में 43.8°C दर्ज किया गया, जो इस समय का सर्वाधिक है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 14.8°C रिकॉर्ड किया गया, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों और मैदानी इलाकों के बीच तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार खजुराहो में 43.4°C, नौगांव में 43.0°C, सीधी में 42.6°C और विदिशा में 42.5°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि कई जिलों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। दूसरी ओर पचमढ़ी, करौंदी और शहडोल जैसे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज किया गया।

मौसम परिस्थिति

IMD के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, हालांकि कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से 1.8°C से 2.6°C तक अधिक रहा। कई जिलों में तेज हवाएं और हल्की आंधी भी दर्ज की गई, जिनकी गति 30 से 41 किमी प्रति घंटा तक रही।

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लू का अलर्ट

मौसम विभाग ने रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। दोपहर के समय तेज गर्म हवाओं के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 48 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।

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किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे सुबह या शाम के समय ही सिंचाई करें और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करें। दोपहर के समय खेतों में कार्य करने से बचने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को निर्देश दिया गया है कि वे पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और दिन में 3–4 बार स्वच्छ एवं ठंडा पानी उपलब्ध कराएं। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच पशुओं को चराई पर न ले जाने की सलाह भी दी गई है।

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