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पीएम-आशा योजना का विस्तार, बिहार में एनसीसीएफ ने पहली बार शुरू की मसूर की संगठित खरीद 

23 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: पीएम-आशा योजना का विस्तार, बिहार में एनसीसीएफ ने पहली बार शुरू की मसूर की संगठित खरीद – भारत सरकार ने पीएम-आशा योजना के अंतर्गत खरीद कार्यों का व्यापक विस्तार किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ और बिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद को मजबूत किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएएफईडी) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत बिहार में पहली बार संरचित दलहन खरीद की शुरुआत की गई है।

बिहार में पहली बार मसूर की संगठित खरीद

एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में एनसीसीएफ ने बिहार में पहली बार मसूर (दाल) की संगठित खरीद शुरू की है। यह पहल देश में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा प्रयास मानी जा रही है। यह खरीद केंद्रीय भंडारण निगम के सहयोग से और डब्ल्यूडीआरए द्वारा अनुमोदित गोदामों के माध्यम से वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था के तहत की जा रही है।

22 अप्रैल 2026 तक बिहार में स्थिति इस प्रकार रही:

32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीद का लक्ष्य
16 पैक्स/एफपीओ पंजीकृत
59 किसानों को ऑनबोर्ड किया गया
100.4 मीट्रिक टन मसूर की खरीद पूरी

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इसके साथ ही एनएएफईडी भी अपने सहकारी नेटवर्क के माध्यम से राज्य में मूल्य समर्थन योजना के संचालन को और मजबूत करने की तैयारी में है।

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छत्तीसगढ़ में एमएसपी खरीद का विस्तार

छत्तीसगढ़ में पीएम-आशा योजना के तहत खरीद कार्यों में तेजी देखी जा रही है। ई-संयुक्ति पोर्टल के माध्यम से किसानों की डिजिटल भागीदारी और जागरूकता अभियानों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूरदर्शन और अन्य माध्यमों से भी किसानों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।

वर्तमान में राज्य में 85 पैक्स केंद्रों का नेटवर्क सक्रिय है, जिनके माध्यम से धमतरी, दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, रायपुर, रायगढ़ और सारंगढ़ सहित कई जिलों में खरीद कार्य चल रहा है। अब इसका विस्तार सरगुजा, कोंडागांव और कोरिया जिलों तक किया जा रहा है।

एनसीसीएफ का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक)

चना खरीद लक्ष्य: 63,325 मीट्रिक टन
मसूर खरीद लक्ष्य: 5,360 मीट्रिक टन
पंजीकृत किसान: चना 16,012 | मसूर 451
खरीद पूरी: चना 9,032 मीट्रिक टन | मसूर 7.98 मीट्रिक टन
लाभान्वित किसान: चना 6,129 | मसूर 28

एनएएफईडी का प्रदर्शन (22 अप्रैल 2026 तक)

राज्य एजेंसियों के माध्यम से 137 खरीद केंद्र सक्रिय
अतिरिक्त केंद्र: चना 7 | मसूर 3
पंजीकृत किसान: चना 39,467 | मसूर 510
खरीद पूरी: चना 3,850 मीट्रिक टन | मसूर 109 मीट्रिक टन
लाभान्वित किसान: चना 2,645 | मसूर 281

सरकार का लक्ष्य और प्रभाव

इन पहलों का उद्देश्य एमएसपी आधारित खरीद प्रणाली को मजबूत करना, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें औपचारिक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और खरीद व्यवस्था के विस्तार से पारदर्शिता, दक्षता और पहुंच में सुधार हुआ है।

एनसीसीएफ और एनएएफईडी दोनों ही संस्थाएं राज्यों में अपने परिचालन को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, मूल्य स्थिरीकरण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।

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