राज्य कृषि समाचार (State News)

मशीन को ताकत बनाकर किसान ने आमदनी बढ़ाई, पावर टिलर से बदली खेती की तस्वीर; कम लागत में बढ़ा मुनाफा

16 मई 2026, माधवपुर: मशीन को ताकत बनाकर किसान ने आमदनी बढ़ाई, पावर टिलर से बदली खेती की तस्वीर; कम लागत में बढ़ा मुनाफा – राजस्थान के सवाई माधवपुर जिले की तहसील चौथ का बरवाड़ा के ग्राम बलरिया के प्रगतिशील किसान रामचरण मीना ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर यह साबित कर दिया कि कृषि यंत्रीकरण किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकता है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्राम रथ अभियान में इस किसान ने दूसरे लोगों से अपनी उपलब्धि पर चर्चा की। अमरूद के बगीचे एवं बागवानी खेती से जुड़े किसान रामचरण ने साथी किसानों को बताया कि कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की मदद से खेती को लाभकारी बना सकते हैं। अपने अनुभव के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन की चर्चा की। उन्होंने इस योजना के तहत 7.5 एचपी पावर टिलर पर अनुदान प्राप्त कर अपनी खेती को नई दिशा दी।

रामचरण ने बताया कि उन्होंने योजना के लिए सितंबर 2024 में राजकिसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्होंने जुलाई 2025 में 1,23,200 रुपये लागत का पावर टिलर खरीदा तथा आवश्यक दस्तावेज कृषि विभाग में जमा करवाए।

कृषि विभाग के अधिकारियों सहायक कृषि अधिकारी विजय जैन एवं कृषि पर्यवेक्षक शक्ति सिंह ने किसान की पूरी मदद की तथा अगस्त 2025 में ही यंत्र का भौतिक सत्यापन करवा कर इसी माह (अगस्त 2025) को वित्तीय स्वीकृति जारी की गई। योजना के निर्देशानुसार, यंत्र की लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि, 61,600 रुपये, सीधे किसान के बैंक खाते में जमा हो गई।

रामचरण बताते हैं कि पहले अमरूद के बगीचे में पेड़ों की गुड़ाई, निराई एवं मिट्टी चढ़ाने जैसे कार्यों के लिए अधिक मजदूर लगाने पड़ते थे। इन कार्यों में पहले 5 से 6 मजदूरों की आवश्यकता होती थी, वही कार्य अब पावर टिलर कम समय और कम लागत में कर देता है। इससे न केवल श्रम की बचत हुई बल्कि समय पर कृषि कार्य होने से बगीचे की उत्पादकता में भी सुधार आया।

उन्होंने बताया कि पावर टिलर की सहायता से मिट्टी भुरभुरी होने लगी, खरपतवार नियंत्रण बेहतर हुआ तथा पौधों की जड़ों तक वायु एवं नमी का संतुलन बना रहने से बगीचे की बढ़वार अच्छी हुई। आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये की बचत हो रही है।

रामचरण का कहना है कि कृषि विभाग की योजनाएं किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। यदि किसान आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। आज वह अपने गांव के अन्य किसानों को भी कृषि यंत्रीकरण अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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