राज्य कृषि समाचार (State News)

हरदा: मुर्गी पालकों ने खुद के खर्च पर शुरू किया सोनाली ब्रीड चूजों का पालन

04 अप्रैल 2026, हरदाहरदा: मुर्गी पालकों ने खुद के खर्च पर शुरू किया सोनाली ब्रीड चूजों का पालन – ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से ग्राम छुरीखाल में मंगलवार को समाज सेवी संस्था आगा खान ग्राम समर्थन कार्यक्रम (भारत), खिरकिया के सहयोग से मुर्गी पालन को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की गई।

ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत निर्मित मुर्गी घरों का लाभ ले रहे मुर्गी पालकों को पहले ही पशुपालन विभाग, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन एवं संस्था के माध्यम से मुर्गी पालन का प्रशिक्षण दिया जा चुका था। प्रशिक्षण के बाद अब मुर्गी पालकों ने स्वयं के खर्चे पर सोनाली ब्रीड के 950 चूजों का वितरण कर मुर्गी पालन कार्य को आगे बढ़ाया।

इस अवसर पर ग्राम छुरीखाल, रामटेक रैयत एवं कुकड़ापानी के अनेक मुर्गी पालक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम छुरीखाल की सरपंच श्रीमती फूलवती बाई, पंचायत के सदस्यगण, ग्राम रामटेक पंचायत के सहायक सचिव श्री वीरेन्द्र काजले तथा जनपद सदस्य श्री परसराम धुर्वे, आगा खां संस्था की ओर से श्री मनमोहन पाली, संस्था के कार्यकर्ता श्री अनिल हरसोरे ग्राम छुरीखाल एवं नर्मदा प्रसाद ग्राम कोथमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम कुकड़ापानी से महेश, हजारी, मुन्ना, देवी सिंह, रामटेक रैयत से सूरज कलमे तथा ग्राम छुरीखाल से ग्यारसी बाई, सीताराम, रूपसिंह, मदन सहित अन्य मुर्गी पालकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में बताया गया कि कृषि और मजदूरी के साथ-साथ मुर्गी पालन अपनाकर ग्रामीण परिवार अपनी अतिरिक्त आय में वृद्धि कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सफल व्यवसाय के लिए आवास, स्वास्थ्य, आहार, ब्रीड और मार्केट के ’पंच सूत्र’ समझाए। ग्रामीणों को बताया गया कि यदि इन पांच बिंदुओं पर ध्यान दिया जाए, तो खेती और मजदूरी के साथ-साथ मुर्गी पालन आय का एक बड़ा और स्थाई जरिया बन सकता है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements