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राज्य कृषि समाचार (State News)

ग्वालियर: बांस के सहारे खुल गए तरक्की के नए रास्ते

20 जुलाई 2026, ग्वालियर: ग्वालियर: बांस के सहारे खुल गए तरक्की के नए रास्ते –  कभी ज़मीन पर फैली मटर की बेलों से अपेक्षित उत्पादक न पाकर मायूस हो जाने वाले किसान धर्म सिंह कुशवाह आज गर्व से अपने खेत की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि बस थोड़ा सा तरीका बदला और पूरी तस्वीर बदल गई। धर्म सिंह ने स्टेकिंग विधि अपनाकर न सिर्फ अपनी मटर की फसल को नई पहचान दी, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी एक मिसाल कायम कर दी। नई तकनीक अपनाने से मटर उत्पादन में तो इजाफा हुआ ही, साथ ही उच्च गुणवत्ता की मटर पैदा होने से मंडी में भाव भी अच्छे मिलने लगे।

ग्वालियर जिले के विकासखंड घाटीगांव के ग्राम पचपन का पुरा (बरई) निवासी धर्म सिंह कुशवाह के पास कुल 2.863 हेक्टेयर भूमि है। वे बताते हैं कि सालों से वे परंपरागत ढंग से मटर उगाते आ रहे थे, जिसमें बेलें ज़मीन पर बिछी रहती थीं। इस कारण आधी फसल कीड़ों और फफूंद की भेंट चढ़ जाती, फलियाँ दागी और छोटी निकलतीं। इससे मंडी में मेहनत के मुताबिक दाम भी नहीं मिलता। हर सीज़न मेहनत वही, मगर मुनाफा फीका।

बदलाव की शुरुआत हुई गाँव पहुंचे उद्यानिकी अधिकारियों की एक सलाह से। धर्म सिंह बताते हैं कि उन्होंने विभाग की सलाह पर एक एकड़ भूमि पर स्केटिंग तकनीक आजमाने का फैसला किया। वे कहते हैं कि हमने मटर के खेत में बांस गाड़े, तार बांधे, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग बिछाई और बेलों को सहारा देकर ऊपर चढ़ाया। जो बेलें कभी ज़मीन पर बेजान पड़ी रहती थीं, वे अब खुले आसमान की ओर बढ़ने लगीं। भरपूर धूप और हवा पाकर लहलहा उठीं।

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धर्म सिंह बताते हैं देखते ही देखते वह पल आया जिसका हमें इंतज़ार था। प्रति एकड़ उत्पादन 40 क्विंटल से बढ़कर 55 क्विंटल जा पहुँचा। फलियाँ जमीन को छुई तक नहीं, इसलिए दाग रहित, सीधी और लंबी निकलीं। मंडी में इनकी चमक ने खरीदारों को लुभाया और भाव पहले से 20 प्रतिशत ज्यादा मिला। ड्रिप और मल्चिंग की जोड़ी ने खरपतवार पर लगाम कसी, पानी की खपत घटाई, और पौधे स्वस्थ रहने से दवाई का छिड़काव भी आधा रह गया।

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आज धर्म सिंह पूरे विश्वास के साथ कहते हैं जब एक एकड़ में ये नतीजे मिल सकते हैं, तो पूरी खेती में क्यों नहीं?” अब वे अपनी संपूर्ण मटर की खेती इसी तकनीक से करने जा रहे हैं और गाँव के अन्य किसानों को भी इससे जोड़ने की मुहिम में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए धर्म सिंह कहते हैं कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रदेश में इस साल किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। जिसके तहत किसानों को उन्नत खेती के लिये मार्गदर्शन मिल रहा है।

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