राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना: नीम की उन्नत खेती पर विशेष कृषक सेमिनार एवं कार्यशाला आयोजित

06 जुलाई 2026, गुनागुना: नीम की उन्नत खेती पर विशेष कृषक सेमिनार एवं कार्यशाला आयोजित – कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में  गत दिनों  कलेक्ट्रेट सभागार में मालाबार नीम की उन्नत खेती विषय पर विशेष कृषक सेमिनार एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के प्रगतिशील किसानों, कृषि उद्यमियों एवं उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर मालाबार नीम की व्यावसायिक खेती की तकनीक एवं आर्थिक संभावनाओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से आए विशेषज्ञों ने बताया कि मालाबार नीम एक तेज़ी से बढ़ने वाला वृक्ष है, जो लगभग चार वर्ष में 40 फीट तक ऊंचाई तथा लगभग 43 इंच घेरा प्राप्त कर लेता है। एक वृक्ष से औसतन तीन से साढ़े चार क्विंटल लकड़ी प्राप्त होती है, जिसकी बाजार में लगभग 700 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार 10×6 फीट की दूरी पर एक एकड़ में लगभग 700 पौधे लगाए जा सकते हैं। लगभग 1.75 लाख रुपये की प्रारंभिक लागत के बाद पहले चार वर्षों में करीब 20 लाख रुपये तक शुद्ध आय की संभावना बनती है। उन्होंने बताया कि एक बार लगाए गए पौधों की तीन बार, प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर कटाई की जा सकती है, जिससे 12 वर्षों में लगभग 80 लाख रुपये तक शुद्ध लाभ अर्जित करने की संभावना व्यक्त की गई। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मालाबार नीम की लकड़ी का उपयोग प्लाईवुड, फर्नीचर, पैकेजिंग, माचिस, पेपर उद्योग सहित अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इसके साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण, कार्बन अवशोषण एवं हरित आवरण बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 कलेक्टर श्री किशोर कन्याल ने कहा कि गुना जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए नवाचार आधारित कृषि को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। यदि कोई नई तकनीक किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध होती है तो जिला प्रशासन उसे किसानों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करेगा। इसी उद्देश्य से मालाबार नीम की खेती को समझने के लिए जिले के पांच प्रगतिशील एवं इच्छुक किसानों का अध्ययन भ्रमण छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में प्रस्तावित किया जा रहा है, ताकि किसान वहां की सफल खेती का प्रत्यक्ष अवलोकन कर जिले में भी इस मॉडल को विकसित कर सकें।

 उप संचालक उद्यान श्री केपीएस किरार ने बताया कि उद्यानिकी विभाग किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ दीर्घकालिक एवं अधिक आय देने वाले विकल्पों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। मालाबार नीम की खेती ऐसे ही संभावनाशील विकल्पों में से एक है। अध्ययन भ्रमण के बाद इच्छुक किसानों के सहयोग से जिले में इसका प्रदर्शन एवं विस्तार करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसान इस नवाचार का लाभ उठा सकें।  कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री अरुण पाटीदार सहायक संचालक कृषि,  श्री शिव सिंह किरार वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गुना, श्री रामदीन धाकड़ वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आरोन, बीटीएम सहित कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture