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राज्य कृषि समाचार (State News)

कम बारिश में भी होगी अच्छी पैदावार! किसानों को सरकार ने बताईं ये फसलें, जल्दबाजी में बुआई से बचें  

03 जुलाई 2026, भोपाल: कम बारिश में भी होगी अच्छी पैदावार! किसानों को सरकार ने बताईं ये फसलें, जल्दबाजी में बुआई से बचें- मध्यप्रदेश में संभावित कम बारिश (अल्प वर्षा) की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को मौसम की चुनौती से निपटने के लिए वैज्ञानिक खेती अपनाने, कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती करने और पर्याप्त नमी आने के बाद ही बुआई करने के लिए जागरूक किया जाए।

गुरुवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित कई विभागों की बैठक लेकर अब तक की तैयारियों की समीक्षा की।

कम पानी वाली फसलों की खेती पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संभावित कम बारिश को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना और वैज्ञानिक खेती के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जाए।

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उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज और दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देती हैं और किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो सकती हैं।

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जल्दबाजी में बुआई न करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने किसानों से जल्दबाजी में बुआई नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद ही बुआई की जाए और नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों की सलाह किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए, ताकि किसान अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार सही फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश भी दिए गए।

किसानों को मिलेगा हर संभव सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसानों को समय पर तकनीकी एवं प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल असर न पड़े।

उन्होंने कहा कि किसानों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

अगले दो वर्षों के लिए तैयार की गई कार्ययोजना

बैठक में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर भी विस्तृत योजना प्रस्तुत की गई। इसके तहत नगरीय निकायों में वैकल्पिक जल स्रोतों की पहचान, टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना और अमृत 2.0 के तहत जल प्रदाय योजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामवार समीक्षा की जाएगी तथा बंद और अधूरी नल-जल योजनाओं की मरम्मत के लिए 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही “जलाभिषेक 2.0” अभियान के तहत पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं और अन्य जल संरचनाओं का सर्वे और पुनर्जीवन किया जाएगा।

जल संरक्षण और फसल योजना पर विशेष फोकस

राज्य सरकार भूजल पुनर्भरण के लिए रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम और खेत-तालाब निर्माण को मिशन मोड में आगे बढ़ाएगी। “खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा पर काम किया जाएगा।

कम जल मांग वाली दलहन, तिलहन और श्रीअन्न (मोटे अनाज) की खेती को बढ़ावा देने, धान की सीधी बुवाई और वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति अपनाने तथा प्रत्येक जिले के लिए कंटिजेंसी क्रॉप प्लान तैयार करने की भी योजना बनाई गई है।

आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी

सरकार ने राज्य स्तरीय आकस्मिक कार्य योजना तैयार कर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर दी है। उन्नत बीजों के वितरण के लक्ष्य जिलों को जारी किए जा चुके हैं। वर्षा जल संरक्षण के लिए बलराम तालाब योजना के तहत भी लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।

किसानों को मौसम पूर्वानुमान, खेती संबंधी सलाह और अन्य जरूरी जानकारी मोबाइल संदेशों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उपलब्ध कराई जा रही है। सभी जिलों के कलेक्टरों को सिंचाई, सूखे की निगरानी और जीवन रक्षक सिंचाई जैसी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, मत्स्य पालन राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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