राज्य कृषि समाचार (State News)

मुरैना में मधुमक्खी पालन का पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संपन्न

27 फरवरी 2024, मुरैना: मुरैना में मधुमक्खी पालन का पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण संपन्न – राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (राविसिकृविवि) ,ग्वालियर से सम्बद्ध कृषि विज्ञान केंद्र मुरैना द्वारा  आत्मा परियोजना अंतर्गत स्वरोजगार हेतु मधुमक्खी पालन  विषय पर गत दिनों 5 दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित  किया गया। समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राविसिकृविवि ,ग्वालियर के निदेशक ( विस्तार सेवाएं ) डॉ वाय पी सिंह थे।

शुभारम्भ सत्र में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ प्रशांत कुमार गुप्ता ने जिले में मधुमक्खी पालन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।  प्रशिक्षण कार्यक्रम संयोजक एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ डॉ अशोक सिंह यादव ने  प्रशिक्षणार्थियों को मधुमक्खी पालन का महत्व ,इसके मौसम प्रबंधन,प्राप्त उत्पाद एवं उनकी उपयोगिता , परिशोधन , गुणवत्ता परीक्षण, विपणन तथा स्थानीय और प्रवासी मधुमक्खियों की परागण में भूमिका पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में  केवीके दतिया के वैज्ञानिक डॉ एके सिंह ,रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झाँसी के सहायक प्राध्यापक एवं कीट विज्ञानी वैज्ञानिक द्वय डॉ उषा एवं डॉ योगेंद्र कुमार मिश्रा ने ऑन लाइन जुड़कर आदर्श मधु वाटिका की स्थापना ,मधुमक्खियों की संवाद प्रणाली, उनकी प्रमुख बीमारियां , प्रबंधन एवं मधुमक्खीपालन में काम आने वाले उपकरणों की उपयोगिता पर जानकारी दी। समापन कार्यक्रम में डॉ वायपी सिंह ने चंबल संभाग सहित मध्यप्रदेश में मधुमक्खीपालन की संभावनाओं पर विस्तार से बताया और कहा कि  मधुमक्खीपालन में मुरैना जिला राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है।  मधुमक्खीपालन को  व्यवसाय के रूप में अपनाकर कृषक, युवा बेरोजगार और छात्र अपनी आर्थिक उन्नति कर सकते हैं।

इस प्रशिक्षण में केंद्र की डॉ रीता मिश्रा,डॉ प्रवीण सिंह गुर्जर ,डॉ बी एस कशाना , डॉ स्वाति सिंह तोमर श्रीमती रीना भार्मा एवं श्रीमती अर्चना खरे भी तकनीकी जानकारी प्रदान की।

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