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राज्य कृषि समाचार (State News)

ईगल सीड्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज़, लाइसेंस निरस्त

ईगल सीड्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज़, लाइसेंस निरस्त

सोयाबीन बीज के 14 नमूने अमानक मिले

31 जुलाई 2020, इंदौर। ईगल सीड्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज़, लाइसेंस निरस्त – किसानों के साथ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है .इसी क्रम में गत दिनों ईगल सीड्स एन्ड बॉयोटेक लि. के विरुद्ध सोयाबीन बीज के 14 नमूने अमानक पाए जाने पर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के निर्देश पर उप संचालक , इंदौर द्वारा क्षिप्रा थाने में एफआईआर दर्ज़ करवाई गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि प्रदेश में किसानों के साथ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.मंत्री श्री पटेल ने बताया कि ईगल सीड्स कम्पनी द्वारा अमानक बीजों की बिक्री के संबंध में निरंतर शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं . कम्पनी के बीजों के 15 सेम्पल लिए गए थे, जिनमें से 14 सेम्पल अमानक पाए गए.श्री पटेल ने कम्पनी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज़ करने के निर्देश उप संचालक कृषि इंदौर को दिए थे. इस पर ईगल सीड्स एन्ड बॉयोटेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ कराई गई.लेकिन यहां सवाल यह है कि क्या कृषि मंत्री उन किसानों को मुआवजा भी दिलाएंगे जिन्होंने इस अमानक सोयाबीन बीज को अपने खेतों में बोया था ? क्या उनकी भरपाई हो सकेगी ? क्या इस घटनाक्रम में बीज प्रमाणीकरण संस्था की भूमिका संदिग्ध नहीं है ? जिसकी मौजूदगी में टैगिंग और पैकिंग का कार्य किया जाता है।

क्या है मामला ? : मेसर्स ईगल सीड्स एन्ड बॉयोटेक लि .क्षिप्रा सांवेर से सोयाबीन बीज जे.एस. 335 के 15 नमूने गत मई माह में परिक्षण के लिए एकत्रित किए गए थे , जिनका परीक्षण बीज परीक्षण प्रयोगशाला, सागर द्वारा किया गया था.उनके परीक्षण प्रतिवेदन में 14 नमूने अमानक पाए गए .इस पर ईगल सीड्स कम्पनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया , लेकिन कोई उपस्थित नहीं हुआ . दूसरे अवसर में कम्पनी के प्रतिनिधि ने उत्तर दिया जो समाधानकारक नहीं होने से अमान्य किया गया . दूसरी ओर पांच उत्पादित संस्थाओं आदर्श एग्रीटेक एन्ड सीड्स ,खजराया के दो नमूने ,तुलसी सीड्स औरंगपुरा देपालपुर का एक नमूना ,जय किसान सीड्स बीजेपुर बेटमा देपालपुर के 6 नमूने , अभि एग्रीटेक आगरा देपालपुर के 4 नमूने और महावीर सीड्स सगरोड देपालपुर का एक नमूना अमानक पाए जाने पर उत्पादित संस्थाओं के संचालकों ने अपने लिखित कथन में कहा कि उन्होंने बीजों का किसानों से उपार्जन कर ईगल सीड कम्पनी क्षिप्रा सांवेर को दिया था शेष प्रक्रिया इसी कम्पनी द्वारा की गई बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा बीज नमूने लेकर परीक्षण किया गया था जो मानक स्तर के थे . बाद में इसी कम्पनी ने पैकिंग और टैगिंग का कार्य किया था.बीज निरीक्षक द्वारा ईगल सीड्स के परिसर से जप्त नमूने विश्लेषण में अमानक पाए जाने पर उपसंचालक कृषि ,इंदौर ने कंपनी का बीज लाइसेंस निलंबित किया लेकिन कम्पनी ने कोई अभिवेदन प्रस्तुत नहीं किया तो तत्काल प्रभाव से बीज अनुज्ञप्ति (क्रमांक 204 ) को निरस्त कर दिया गया।

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उप संचालक कृषि श्री रामेश्वर पटेल ने कृषक जगत को बताया कि कृषि मंत्री श्री कमल पटेल के निर्देश पर क्षिप्रा थाने पर 27 जुलाई को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सांवेर उदय भटनागर द्वारा ईगल सीड्सएन्ड बॉयोटेक लि. क्षिप्रा सांवेर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 , बीज अधियनियम 1966 की धारा 6 (1) तथा 7 (बी ) एवं बीज नियंत्रण अधिनियम आदेश 1983 के नियम 8 ए का उल्लंघन करने पर एफआईआर दर्ज़ कराई गई।

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इस संबंध में कृषक जगत ने ईगल सीड्स एन्ड बॉयोटेक लि. क्षिप्रा का पक्ष भी जानना चाहा लेकिन उन्होंने इससे जुड़े सवालों को टाल दिया।