खाद के लिए अब किसानों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी
18 मई 2026, भोपाल: खाद के लिए अब किसानों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी – उर्वरक, फर्टिलाइजर या खाद के लिए भोपाल में किसानों को किसी लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। अब ना तो किसी अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार हुआ और नहीं किसानों को प्रताड़ित किया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी और बुकिंग नंबर के हिसाब से किसानों को खाद की होम डिलीवरी की जाएगी। मध्य प्रदेश शासन के संभागीय जनसंपर्क कार्यालय भोपाल की ओर से दी गई यह जानकारी सुनने में तो अच्छी लगती है लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि सब कुछ होगा कैसे:-
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्रीमती सुमन प्रसाद ने बताया कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसान अब ऑनलाइन ई-टोकन प्राप्त कर निर्धारित तिथि एवं समय पर संबंधित वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को लंबी कतारों में लगने से राहत मिलेगी तथा वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों में पटवारी, पंचायत सचिव एवं कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहकर किसानों को ई-विकास पोर्टल पर पंजीयन कराने तथा ई-टोकन जारी करवाने में सहयोग करेंगे, ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या न हो।
कृषि विभाग द्वारा जिले में ई-विकास प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सहकारी संस्थाओं एवं अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। सभी संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरक वितरण केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
ई-विकास प्रणाली के प्रमुख लाभ
इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को समय पर एवं निर्धारित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होगा। ई-टोकन आधारित वितरण व्यवस्था से भीड़ और अव्यवस्था कम होगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। मांग एवं आपूर्ति की वास्तविक समय में निगरानी भी संभव होगी।
भोपाल में खाद के लिए ऑनलाइन ई-टोकन प्राप्त करने का तरीका
किसान https://evikas.mpkrishi.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से लॉगइन कर सकते हैं। किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क की सहायता से भी ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। लॉगइन के बाद फार्मर आईडी (एग्रीस्टैक) से भूमि की जानकारी स्वतः अपडेट हो जाएगी। किसान फसल एवं मौसम का चयन करेंगे, जिसके आधार पर आवश्यक उर्वरक की मात्रा स्वतः प्रदर्शित होगी।
पोर्टल पर मार्कफेड डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो, सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध उर्वरक का स्टॉक भी देखा जा सकेगा। किसान अपनी सुविधा अनुसार किसी भी विक्रेता का चयन कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जारी ई-टोकन के तीन दिन के भीतर संबंधित केंद्र से उर्वरक प्राप्त किया जा सकेगा।
जिले में आगामी खरीफ मौसम हेतु पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में यूरिया 9365 मीट्रिक टन, डीएपी 2698 मीट्रिक टन, एनपीके 1710 मीट्रिक टन, एसएसपी 3467 मीट्रिक टन एवं एमओपी 128 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
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