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राज्य कृषि समाचार (State News)

बांस की खेती से किसान होंगे मालामाल! बिहार सरकार दे रही 50 फीसदी तक भारी सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया

29 अगस्त 2025, भोपाल: बांस की खेती से किसान होंगे मालामाल! बिहार सरकार दे रही 50 फीसदी तक भारी सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया – बिहार सरकार के राष्ट्रीय बांस मिशन योजना के तहत बांस की खेती को बढ़ावा देने का उद्देश्य किसानों को स्वरोजगार और आय में वृद्धि के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत किसानों को बांस की खेती के लिए सब्सिडी दी जाएगी, जिससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह योजना रोजगार के अवसर भी सृजित करेगी।

समस्तीपुर सहित राज्य के 27 जिलों के किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके तहत जिलेवार लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें समस्तीपुर में 17 हेक्टेयर भूमि पर बांस की खेती की योजना बनाई गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को अनुदान पर बांस की खेती के लिए मदद मिल रही है। उद्यान विभाग ने नर्सरी स्तर पर भी बांस की खेती को प्रोत्साहित किया है, जहां आधे एकड़ में बांस की खेती की दिशा में कार्य किए जाएंगे।

मिलेगी बंपर सब्सिडी

उद्यान विभाग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र में उच्च घनत्व बांस रोपण पर 100% अनुदान (सबसिडी) मिलेगा, यानी किसानों को बांस रोपण की लागत का पूरा पैसा सरकार द्वारा दिया जाएगा। वहीं, निजी क्षेत्र के लिए इस पर 50% अनुदान का प्रावधान है।

बांस की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 1,20,000 रुपये खर्च होंगे, जिनमें से सरकार किसान को सब्सिडी के रूप में 50% या 100% राशि देगी, जो इस पर निर्भर करेगा कि किसान सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं।  इससे किसानों को अपने खेतों में बांस की खेती करके अच्छा लाभ मिल सकता है, और अगर बांस से उत्पाद बनाकर बाहरी बाजारों में बेचा जाए, तो यह एक बड़े व्यवसाय का रूप ले सकता है। बांस जैसी नगदी फसल से किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

बाउंड्री प्लांटेशन के रूप में बांस की खेती

बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक और खास पहल बाउंड्री प्लांटेशन की गई है। इसके तहत किसान को कम से कम 10 बांस के पौधे दिए जाएंगे। हर पौधे की कीमत 300 रुपये है, जिसमें से 150 रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी।

आवेदन की प्रक्रिया

किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें डीबीटी पंजीकरण, भूमि रसीद, और एलपीसी आवेदन पत्र जैसी जरूरी दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी। बिहार सरकार ने इस योजना के अंतर्गत 78.56% सामान्य, 20% एससी, और 1.44% एसटी वर्ग को बांस की खेती के लिए अनुदान देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

योजना की अवधि और अनुदान वितरण

इस योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक किया जाएगा। पहले वर्ष में अनुदान की राशि का 60% और दूसरे वर्ष में 40% वितरण किया जाएगा। इससे किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता उनकी खेती को और अधिक लाभकारी बनाएगी।

यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक शानदार अवसर है, जो उन्हें बांस की खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय बढ़ाने, बल्कि आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करेगी।

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