धान से हटकर सोयाबीन-अरहर की ओर बढ़ेंगे किसान, सरकार ने फसल विविधीकरण पर दिया जोर
26 अगस्त 2026, भोपाल: धान से हटकर सोयाबीन-अरहर की ओर बढ़ेंगे किसान, सरकार ने फसल विविधीकरण पर दिया जोर – मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य पर निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने, फसलों के विविधीकरण तथा खेती के साथ पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे और किसानों के खेत पर जाकर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराएंगे। इस वर्ष धान के क्षेत्र में कमी तथा सोयाबीन और अरहर के क्षेत्र में वृद्धि की संभावना है।
उन्नत किस्मों के बीज अपनाने पर जोर
कृषि उत्पादन आयुक्त ने किसानों को उन्नत किस्मों के बीज बोने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने बताया कि बायो फोर्टिफाइड गेहूं के बीज में आयरन और जिंक की मात्रा होती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। किसानों को गेहूं की एचआई 1650, 1636, 1633 और 1655 किस्में बोने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह पूसा अरहर 16 को अच्छी फसल बताते हुए किसानों को इसकी बुवाई के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। किसानों को फसलों के विविधीकरण के लिए भी प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
प्रेशराइज्ड पाइप से सिंचाई की सलाह
किसानों को प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली के माध्यम से सिंचाई के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। खेत में पाइप लाइन डालने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। सभी जिलों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्य कर रही हैं। इनके माध्यम से अधिक से अधिक मृदा परीक्षण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कस्टम हायरिंग केंद्रों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए उन्नत कृषि यंत्र एवं उपकरण उपलब्ध करवाने पर जोर दिया गया है।
DAP की जगह NPK इस्तेमाल करने की सलाह
किसानों को डीएपी उर्वरक के स्थान पर एनपीके उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह देने को कहा गया है। एनपीके में फसलों के लिए उपयोगी सभी पोषक तत्व होते हैं। उर्वरक वितरण के लिए डबल लॉक केंद्रों का आधुनिकीकरण करने और किसानों को लाइन में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए प्रयास करने को कहा गया है। साथ ही किसानों के बैठने की अच्छी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
नरवाई नहीं जलाने की अपील
किसानों को समझाने के लिए कहा गया है कि नरवाई जलाना खेत के लिए अत्यंत हानिकारक है। नरवाई जलाने के स्थान पर हैप्पी सीडर और सुपर सीडर से बुवाई करने पर खेत को नुकसान नहीं होता, पोषक तत्व बने रहते हैं और उत्पादकता अधिक आती है। बताया गया कि जिन किसानों ने हैप्पी सीडर का उपयोग कर बुवाई की है, उन्हें बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं।
ई-मंडी और फार्म गेट ऐप पर जोर
शासन द्वारा ई-मंडी प्रारंभ की गई है। किसानों को अपनी फसल बेचने में मंडियों में कम से कम समय लगे, इसके लिए मंडियों को हाईटेक बनाने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही सरकार द्वारा फार्म गेट ऐप भी प्रारंभ किया गया है। इस पर किसान अपना पंजीयन कराकर घर बैठे अपनी फसल बेच सकता है।
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