Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

शाजापुर जिले में प्राकृतिक खेती पर कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा सम्पन्न

16 जनवरी 2023, शाजापुर: शाजापुर जिले में प्राकृतिक खेती पर कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा सम्पन्न – कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम “आत्मा” अंतर्गत ग्राम खोकराकलां विकासखण्ड  कालापीपल में  गत दिनों  रबी कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें श्री राकेश पाटीदार अध्यक्ष प्रतिनिधि कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत शाजापुर, डॉ इशराद खान सरपंच प्रतिनिधि ग्राम खौकराकलां, श्री के.एस. यादव ,परियोजना संचालक आत्मा, डॉ. मनोज शर्मा, उप संचालक पशुचिकित्सा सेवाएं , श्री एस. एन. सोनानिया अनुविभागीय कृषि अधिकारी, श्री हरिओम सोनी, वरिष्ठ उद्यानिकी विकास अधिकारी वि.ख. कालापीपल, जिला के सभी विकासखण्डों के बी.टी.एम. / ए.टी.एम. , प्रगतिशील कृषक तथा 120 से अधिक कृषक शामिल हुए।

कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र शाजापुर डॉ जी.आर. अम्बावतिया ने कृषकों को उनकी समस्याओं का समाधान कराया। साथ ही कृषकों को शासन की मंशानुसार कम से कम एक एकड़ खेत में प्राकृतिक खेती करने के लिये प्रेरित किया, ताकि कृषक स्वयं आत्म निर्भर हो सके। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.एस धाकड ने किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की जानकारी दी और उनके लाभ बताए। उन्होंने खेत को समतल करने के लिये लेजर लेवलर, गहरी जुताई के लिये एम. बी प्लाउ, मृदा की भौतिक अवस्था सुधारने के लिये रोटावेटर आदि कृषि यंत्रो की विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी. के. तिवारी ने  कृषकों को बताया कि प्राकृतिक खेती से स्वयं के द्वारा निर्मित जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत आदि से खेत में लाभदायक जीवाणुओं की  संख्या  बढ़ जाती है, जिससे फसल स्वस्थ रहती है एवं कीट व्याधियों से लड़ने की सहनशीलता  आ जाती है। परियोजना संचालक आत्मा श्री के. एस. यादव ने कृषकों को गोबर गैस संयत्र के लाभ एवं गोबर गैस संयत्र बनाने के लिये शासन द्वारा दिये जाने वाले अनुदान के बारे में भी जानकारी दी तथा विभाग की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

महत्वपूर्ण खबर: कपास मंडी रेट (14 जनवरी 2023 के अनुसार)

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )