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राज्य कृषि समाचार (State News)

पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए कलेक्टर से फिर मिले किसान

कलेक्टर ने कहा आगामी दिनों में शुरू होगा कपास फसल का सर्वे

30 अक्टूबर 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए कलेक्टर से फिर मिले किसान – पांढुर्ना जिले में हुई अल्प वर्षा से किसानों की खरीफ फसलों का बहुत नुकसान हुआ है । इसी  संदर्भ में कुछ अर्सा पहले किसानों  एवं किसान संगठनों ने पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे  थे । लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई घोषणा नहीं  होने से चिंतित किसानों ने पांढुर्ना कलेक्टर श्री  नीरज वशिष्ठ से पुनः मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत कराया । कलेक्टर ने आगामी दिनों में कपास फसल का सर्वे शुरू होने की जानकारी दी ।

उल्लेखनीय है कि कपास उत्पादक पांढुर्ना जिले में इस वर्ष कम वर्षा हुई है , जिससे कपास एवं अन्य फसलों के अलावा उद्यानिकी फसलें भी प्रभावित हुई हैं । पांढुर्ना जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग  को लेकर किसानों एवं किसान संगठनों ने ज्ञापन भी दिए । इसी संदर्भ में  हाल  ही में किसानों ने कलेक्टर श्री नीरज वशिष्ठ से मुलाकात की और अपनी ज्ञापन वाली मांगें दोहराई । इस दौरान कलेक्टर ने एक अहम जानकारी दी कि कपास की फसल के सर्वे और फसल बीमा मुआवजे को लेकर आगामी चार -पांच दिनों में राजस्व , कृषि विभाग एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों की  संयुक्त टीम खेतों का सर्वे करेगी । सर्वे रिपोर्ट के आधार पर  फसल नुकसानी का आकलन कर  किसानों को  दिसंबर में 25  प्रतिशत और फरवरी -मार्च तक शेष 75  प्रतिशत मुआवजा राशि दी जाएगी ।

किसानों का कहना है कि जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं किया है , उनका क्या होगा ? आरबीसी 6 -4  के तहत सभी फसलों सोयाबीन , मक्का , मूंगफली आदि का मुआवजा  मिलना चाहिए । क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संतरा के अलावा अन्य उद्यानिकी फसलें भी ली जाती हैं , लेकिन उद्यानिकी फसलों का बीमा नहीं होने से प्राकृतिक आपदा होने पर किसानों कोई मुआवजा नहीं मिलता है । उद्यानिकी फसलों का भी बीमा किया जाना चाहिए , ताकि फसल की नुकसानी पर किसानों को मुआवजा मिल सके । किसानों ने फसल कटाई प्रयोग सही समय पर और किसानों के समक्ष करने की भी मांग की । कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि फसल कटाई प्रयोग और सर्वे के बाद देखा जाएगा । यदि यह बीमे के दायरे में आएगा तो मुआवजा ज़रूर मिलेगा ।

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