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राज्य कृषि समाचार (State News)

धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 सितंबर से

19 अगस्त 2020, भोपाल। धान खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 15 सितंबर से – खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में धान, मोटा अनाज के उपार्जन के लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 20 तक किसानों के पंजीयन की कार्रवाई की जाय। प्रमुख सचिव खाद्य श्री फैज अहमद किदवई मंत्रालय में खरीफ फसल के समर्थन मूल्य पर खरीदी की पूर्व तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। बैठक में प्रबंध संचालक मार्कफेड श्री पी. नरहरि, संचालक खाद्य श्री तरूण कुमार पिथौड़े, उपस्थित थे।

किसान करा सकेंगे ऑन लाईन पंजीयन

श्री किदवई ने कहा कि धान विक्रय के लिए किसान विगत वर्ष की भांति किसान एप, पंजीयन केन्द्र, कियोस्क, ई-उपार्जन के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे। नए किसान, सिकमी एवं वन पटटाधारी किसानों को पंजीयन केन्द्र से ही अपना पंजीयन कराने की सुविधा होगी। किसान पंजीयन में भूमि एवं बोई गई फसल का रकबा गिरदावरी से लिया जाएगा।गिरदावरी की अंतिम तिथि 30 अगस्त है। उसके उपरांत 15 दिन में किसान दावा आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों को किसी प्रकार के दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। किसान द्वारा बैंक खातों में परिवर्तन की स्थिति में बैंक खाते की पासबुक तथा नए किसानों को आधार नंबर एवं बैंक की पासबुक तथा सिकमी एवं वन पटटाधारी किसानों को सिकमी अनुबंध एवं वन पट्टे की प्रति उपलब्ध कराना होगी।

जूट के साथ पीपी बारदाने होंगे उपलब्ध

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष धान का उपार्जन लगभग 35 से 40 लाख मेट्रिक टन किए जाने का अनुमान है। इसके लिए लगभग 1.73 लाख गठान की आवश्यकता होगी। बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था के दृष्टिगत जूट के बारदानों के साथ पीपी बारदानों की व्यवस्था भी की जायेगी। बारदानों की खरीदी के लिए ऑन लाईन निविदा आमंत्रित की गई हैं। श्री किदवई ने कहा कि धान के परिवहन के लिए एसओआर आधारित परिवहन दरों का निर्धारण समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान उपार्जन के लिए किसान एवं समितियों को भुगतान के लिए आवश्यक राशि की समय पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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धान उपार्जन के बाद भंडारण व्यवस्था करें सुनिश्चित

प्रमुख सचिव श्री किदवई ने धान के भंडारण के लिए बालाघाट एवं अनूपपुर शार्टफाल को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।धान मिलिंग पर पीडीएस एवं पीएमजीकेएवाय के तहत चावल की आवश्यकता को देखते हुए मिलिंग शीघ्रता से कराए जाने के निर्देश दिए।

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