पांढुर्ना क्षेत्र में कपास की फसल सूखने से किसान चिंतित
ज्ञापन में किसानों ने सर्वे एवं मुआवजा देने की मांग की
03 सितंबर 2026, (उमेश खोड़े, कृषक जगत, पांढुर्ना): पांढुर्ना क्षेत्र में कपास की फसल सूखने से किसान चिंतित – पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों के किसान इन दिनों कम वर्षा होने से चिंतित हैं , वहीं पांढुर्ना जिले के किसान क्षेत्र में कपास की फसल सूखने की समस्या से जूझ रहे हैं। इसी विषय को लेकर किसानों द्वारा गत मंगलवार को जन सुनवाई में एसडीएम अलका एक्का को ज्ञापन सौंपकर फसलों का सर्वे कराने तथा फसल नुकसानी की भरपाई के मुआवजे देने की मांग की गई।
उल्लेखनीय है कि पांढुर्ना जिले के पंधराखेड़ी , आम्बाखापा , सावंगी ,छत्रापुर,रझाड़ी ,पीपलप आदि गांवों में किसानों द्वारा खरीफ में कपास की फसल लगाई है , जिसके पौधे सूख रहे हैं। पौधों के सूखने से किसान चिंतित हैं , क्योंकि इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा । कई किसानों ने खेती ठेके पर लेकर बुआई की है। ऐसे में किसानों के बीज , उर्वरक , मेहनत आदि पर पानी फिर गया है। किसानों ने सरकार से तुरंत सर्वे शुरू करने तथा आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग की है।
श्री आशीष पवार, तहसील अध्यक्ष , भारतीय किसान संघ , सौंसर ने कृषक जगत को बताया कि जड़ सड़न के कारण कपास के पौधे सूख रहे हैं। जड़ों में काला रिंग बन गया है। चिंता का विषय यह है कि अधिकांश किसानों के खेतों में यह रोग बढ़ता ही जा रहा है। इसीलिए बड़ी संख्या में मौजूद किसानों द्वारा एसडीएम अलका एक्का को ज्ञापन सौंपकर फसलों का अति शीघ्र सर्वे कराने तथा क्षतिग्रस्त फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। सर्वे से फसल की समस्या सामने आएगी , वहीं मुआवजे से किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति हो सकेगी।
ज्ञापन देते समय श्री रविंद्र गोहरे , श्री दिलीप रामराव पराड़कर , श्री रामाजी डोंगरे ,श्री अटल रबडे , श्री अनूप पवार , श्री पवन रबडे ,श्री वासुदेव किनकर, मोहन हिंग्वे , बेबी ताई पाठे, श्री सीताराम डोबले सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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