झाबुआ जिले के किसानों को मिल रही सोलर पम्प की सौगात
24 जनवरी 2026, झाबुआ: झाबुआ जिले के किसानों को मिल रही सोलर पम्प की सौगात – भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य कुसुम ‘बी’ योजना के अंतर्गत झाबुआ जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा सुलभ कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से जिले के किसानों को सोलर पम्प की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के श्री मयंक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना अंतर्गत झाबुआ जिले के 101 किसानों का सोलर पम्प स्थापना हेतु चयन किया गया है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशानुसार चयनित किसानों की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कस्टमर इन्फॉर्मेशन फाइल (CIF) तैयार करने के लिए दिनांक 20, 21 एवं 22 जनवरी 2026 को थांदला, झाबुआ एवं पेटलावद में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों के दौरान किसानों के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के आवेदन पत्र भी भरे गए। चयनित 101 किसानों में से 99 किसानों की CIF प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। शिविरों के सफल संचालन हेतु कृषि विभाग के उप संचालक श्री नगीन सिंह रावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। किसान कल्याण एवं कृषि विभाग तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, झाबुआ शाखा के संयुक्त प्रयासों से तीनों स्थानों पर शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुए। कलेक्टर नेहा मीना ने चयनित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना – भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. कुसुम योजना का घटक-ब प्रदेश में “प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना” के नाम से संचालित है, जिसके अंतर्गत झाबुआ जिले के किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा और भी आसान हो रही है। जिले में ऑफ ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है, जिससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होगी तथा खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
किसान-अनुकूल वित्तीय व्यवस्था– इस योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना के लिए अत्यंत सरल एवं लाभकारी वित्तीय ढांचा तय किया गया है- किसान अंशदान केवल 10% केंद्र सरकार का अनुदान 30% बैंक ऋण शेष 60% (ऋण की गारंटी मध्यप्रदेश शासन द्वारा दी जा रही है।) ऋण प्रक्रिया को आसान बनाने हेतु सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को नोडल बैंक नियुक्त किया गया है।
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया– योजना का लाभ प्राप्त करने एवं वेंडर द्वारा कार्य प्रारंभ करने के लिए ऋण स्वीकृति अनिवार्य है। इसके लिए-कुसुम-B राज्य पोर्टल से AIF (Agriculture Infrastructure Fund) में ऑनलाइन आवेदन नोडल बैंक में किसान का खाता एवं CIF की उपलब्धता डिजिटल लेंडिंग के माध्यम से बैंक द्वारा ऋण की अंतिम स्वीकृति, कुसुम-बी राज्य पोर्टल से ऍफ़ (एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) में ऑनलाइन आवेदन, नोडल बैंक में किसान का खाता एवं CIF की उपलब्धता डिजिटल लेंडिंग के माध्यम से बैंक द्वारा ऋण की अंतिम स्वीकृति।
जिले में अब तक की प्रगति – 31 दिसंबर 2025 तक झाबुआ जिले में 101 आवेदनों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। इस योजना से किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई, कम लागत में खेती तथा पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता का लाभ मिल रहा है।
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