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पशुपालन (Animal Husbandry)राज्य कृषि समाचार (State News)

किसान बन सकते लखपति, टॉप 3 देसी गायों से बढ़ाएं दूध और आमदनी  

02 अप्रैल 2026, भोपाल: किसान बन सकते लखपति, टॉप 3 देसी गायों से बढ़ाएं दूध और आमदनी – देश के किसान अब खेती के साथ-साथ डेयरी व्यवसाय में भी अपनी आमदनी बढ़ाने की तरफ ध्यान दे रहे हैं। कम लागत और नियमित आय देने वाला डेयरी व्यवसाय आज तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही नस्ल की गाय का चुनाव करने से किसान दूध उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। इस लिहाज से टॉप 3 देसी नस्लें – गिर, लाल सिंधी और साहीवाल – डेयरी व्यवसाय के लिए सबसे फायदेमंद मानी जा रही हैं।

गिर गाय: किसानों की पहली पसंद

गिर गाय गुजरात के गिर क्षेत्र की प्रमुख देसी नस्ल है। यह मध्यम आकार की, धब्बेदार और पीछे झुके माथे वाली गाय अधिक दूध देने के लिए जानी जाती है। एक गिर गाय से रोजाना 8 से 10 लीटर दूध प्राप्त किया जा सकता है। इसकी बाजार कीमत कई जगह 100 से 120 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचती है, जिससे किसान को अच्छा लाभ होता है।

लाल सिंधी और साहीवाल: गर्मी में भी बढ़िया उत्पादन

लाल सिंधी गाय गर्म इलाकों के लिए आदर्श है और यह रोजाना 8-10 लीटर दूध देती है। वहीं, साहीवाल गाय सबसे ज्यादा दूध देने वाली नस्ल मानी जाती है, जो रोजाना 10-16 लीटर दूध देती है। सही देखभाल और पोषण के साथ किसान इन नस्लों से सालभर स्थिर उत्पादन और अच्छी आमदनी सुनिश्चित कर सकते हैं।

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क्यों है देसी गाय पालन फायदेमंद

देसी गायें स्थानीय जलवायु के अनुकूल होती हैं, इन्हें महंगे चारे या विशेष देखभाल की जरूरत कम होती है। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण बीमारियों का खतरा कम रहता है और दवा पर खर्च बचता है। किसान अगर इन टॉप 3 देसी नस्लों का पालन सावधानी से करें, तो डेयरी व्यवसाय को लाभकारी कारोबार में बदल सकते हैं।

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