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राज्य कृषि समाचार (State News)

पारंपरिक खेती से आगे बढ़ा किसान, 18 एकड़ में बनाया शानदार मल्टी-क्रॉप मॉडल; तीन गुना तक बढ़ी आय  

08 मई 2026, रायपुर: पारंपरिक खेती से आगे बढ़ा किसान, 18 एकड़ में बनाया शानदार मल्टी-क्रॉप मॉडल; तीन गुना तक बढ़ी आय – छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में नवाचार और फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य शासन के प्रयास अब जमीन पर असर दिखा रहे हैं। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम बारगांव के किसान कुंवर सिंह मधुकर (नंदकुमार) इसकी एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहु-फसली मॉडल अपनाते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

कभी केवल धान की खेती पर निर्भर रहने वाले मधुकर ने बदलते समय के साथ जोखिम उठाते हुए 18 एकड़ कृषि भूमि में फसल विविधिकरण को अपनाया। उन्होंने काली मिर्च, आम, खीरा, लौकी, कटहल, नींबू, एप्पल बेर, कुंदरू और परवल जैसी विभिन्न फसलों की खेती शुरू की। इसके परिणामस्वरूप उनकी आय में दोगुना से तीन गुना तक वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।

शानदार मल्टी-क्रॉप मॉडल

उनके खेत में आज वैज्ञानिक और योजनाबद्ध खेती का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है। उन्होंने 250 कटहल, 600 नए और 250 पुराने नींबू, 100 एप्पल बेर, 1700 ऑस्ट्रेलियन टीक तथा 300 काली मिर्च के पौधे लगाए हैं। इसके साथ ही कुंदरू, परवल, खीरा, लौकी और डोडका जैसी सब्जी फसलों की भी बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं, जिससे सालभर आय का स्रोत बना हुआ है।

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मधुकर की इस सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन भी उन्हें एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने उनके खेत का निरीक्षण कर उनके नवाचारों की सराहना की और कहा कि फसल विविधिकरण से न केवल किसानों की आय बढ़ती है, बल्कि खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी भी बनती है। उन्होंने अन्य किसानों को भी ऐसे मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।

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मधुकर की सफलता यह दर्शाती है कि यदि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों और विविध फसलों को अपनाएं, तो वे सीमित संसाधनों में भी बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं। आज वे न केवल अपने क्षेत्र, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।

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