राज्य कृषि समाचार (State News)

अरहर पूसा-16 जैसी नूतन किस्म को आगामी वर्षों में विस्तार करें- कलेक्टर झाबुआ

03 मार्च 2025, झाबुआ: अरहर पूसा-16 जैसी नूतन किस्म को आगामी वर्षों में विस्तार करें- कलेक्टर झाबुआ – कलेक्टर नेहा मीना द्वारा कार्यालय कलेक्टर सभाकक्ष में अरहर पूसा 16 जैसी नूतन किस्म की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। खेती किसानी अंतर्गत नवाचारी प्रयासों की विस्तार से समीक्षा और दस्तावेजीकरण के सम्बन्ध में आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा आंकड़ों का वैज्ञानिक ढंग से संकलन और विश्लेषण करने पर प्रशंसा  व्यक्त की गई। कृषकों  के स्तर पर अरहर की कम अवधि की किस्म की स्वीकारोक्ति होने के फलस्वरूप आगामी वर्षों में विस्तार किये जाने के निर्देश दिए गए । इस खरीफ मौसम में उत्पादित फसल उपज को  किसानों  के स्तर पर संरक्षित भी  किए  जाने की आवश्यकता व्यक्त की गई।

Advertisement1
Advertisement

सामान्यतः अरहर की फसल छः से सात माह की होती है। अधिक अवधि की फसल होने के कारण किसान अरहर के बाद दूसरी फसल नहीं ले पाते  हैं । वैज्ञानिकों  द्वारा अरहर की कम अवधि की किस्में विकसित की गई है। पूसा अरहर-16 जैसी कम अवधि वाली  किस्मों को जिले में नवाचार के रूप में चिन्हांकित कर  कृषकों  के  यहां लगाया गया है, जिसके संतोषजनक परिणाम रहे। जिले में दलहनी फसलों  के रकबे में विस्तार के लिए अरहर पूसा-16 जैसी किस्में  मील  का पत्थर साबित हो सकती हैं। अरहर पूसा-16 कम अवधि (लगभग 120 दिन) में पककर तैयार हो गई है, जिससे किसान रबी मौसम में गेहूं, चना जैसी फसल का उत्पादन भी ले सकते  हैं ।

बैठक के दौरान उप संचालक कृषि श्री एन.एस. रावत, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मौर्य, डॉ.डी.एस.तोमर द्वारा अरहर की नवीन किस्म के सम्बन्ध में अब तक  किए   गए  तकनीकी और वैज्ञानिक कार्यों की विस्तार से प्रगति प्रस्तुत की गई। बैठक के दौरान कृषि विभाग के परियोजना संचालक आत्मा, सहायक संचालक कृषि उपस्थित थे।

Advertisements
Advertisement3
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement8
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement8
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement5
Advertisement