धान की फसल में जरूरत से ज्यादा खाद पड़ सकती है भारी, किसानों को संतुलित उपयोग की सलाह
01 सितंबर 2026, भोपाल: धान की फसल में जरूरत से ज्यादा खाद पड़ सकती है भारी, किसानों को संतुलित उपयोग की सलाह – मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार ही खाद का उपयोग करने की अपील की है। रीवा जिले के उप संचालक कृषि यूपी बागरी ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड में खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों और उनकी कमी की जानकारी दर्ज रहती है। साथ ही, फसल के अनुसार आवश्यक उर्वरकों की मात्रा की जानकारी भी दी जाती है। किसानों को इसी के आधार पर खाद का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत से अधिक उर्वरक का इस्तेमाल किसान पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के साथ-साथ फसल और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।
सामान्य धान में उर्वरक की मात्रा
श्री बागरी ने बताया कि सामान्य किस्म के धान में प्रति हेक्टेयर चार बैग यूरिया और एक बैग डीएपी का उपयोग किया जा सकता है। इसके विकल्प के रूप में चार बैग यूरिया और पांच बैग सिंगल सुपर फास्फेट अथवा चार बैग यूरिया और दो बैग 12:32:16 उर्वरक का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा चार बैग यूरिया, तीन बैग सिंगल सुपर फास्फेट और दो बैग 16:16:16 उर्वरक का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। उर्वरकों की मात्रा का निर्धारण खेत की मृदा स्थिति और अनुशंसित पोषक तत्वों के आधार पर करने की सलाह दी गई है।
हाईब्रिड धान में भी संतुलित खाद जरूरी
शंकर अथवा हाईब्रिड धान के लिए भी किसानों को निर्धारित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके लिए यूरिया और डीएपी के साथ सिंगल सुपर फास्फेट, 12:32:16, 16:16:16 तथा 20:20:0:13 जैसे उर्वरकों के विभिन्न विकल्प बताए गए हैं। उप संचालक ने किसानों से कहा कि उर्वरकों का चयन एवं मात्रा मृदा परीक्षण और फसल की आवश्यकता के अनुसार ही तय करें। संतुलित पोषण से फसल की वृद्धि बेहतर होने के साथ उत्पादन क्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि केवल अधिक मात्रा में खाद डालने से अधिक उत्पादन की उम्मीद न करें। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई सिफारिश के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर ही अच्छी और स्वस्थ फसल प्राप्त की जा सकती है।
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