दलहनी-तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दें : श्री सिंह

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एपीसी की अध्यक्षता में संभागीय बैठकें

(विशेष प्रतिनिधि)

20 अक्टूबर 2021, भोपाल । दलहनी-तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दें : श्री सिंह – प्रदेश के नवनियुक्त कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह ने संभागीय बैठकों में गेहूं के साथ दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि विभाग का मैदानी अमला किसानों के बीच जाकर उर्वरकों की वैकल्पिक व्यवस्था पर जानकारी दें। श्री सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में सतत निगरानी कर किसानों की मांग अनुसार खाद-बीज उपलब्ध कराएं। नकली खाद बीज वितरण करने वालों पर सख्त कार्यवाही करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल एवं भोपाल, होशंगाबाद की बैठकों को वर्चुअली सम्बोधित किया। उन्होंने उद्यानिकी, दुग्ध संघ एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों को भी किसान हित के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।

भोपाल-होशंगाबाद

एपीसी ने भोपाल-होशंगाबाद संभाग की बैठक में कहा कि संभाग के सभी जिलों में गेहूं के साथ दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं के बीच कृषि विभाग का मैदानी अमला किसानों के बीच जाकर प्रयास करे। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री अजीत केसरी, प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री जे.एस.कंसोटिया, संचालक कृषि श्रीमती प्रीति मैथिल, एम.डी. मार्कफेड श्री पी.नरहरि, संभागायुक्त भोपाल श्री कवीन्द्र कियावत, कृषि यंत्री श्री एस.पी.अहिरवार, संयुक्त संचालक कृषि श्री बी.एल. बिलैया सहित उद्यानिकी, मत्स्य एवं पशुपालन के अधिकारी एवं संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भोपाल संभाग में रबी कार्यक्रम 2021-22 में 1880.42 हजार हे. क्षेत्र में रबी की बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जो विगत वर्ष की तुलना में 13.22 हजार हे. अधिक है।

उद्यानिकी फसलों के लिये करें प्रोत्साहित

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि किसानों को खेती-किसानी के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को लेने के लिये भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
गौशालाओं का बेहतर उपयोग हो

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा है कि भोपाल संभाग के सभी जिलों में गौशालाओं का निर्माण किया गया है। इन गौशालाओं का बेहतर उपयोग प्रारंभ किया जाए। निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में रखने का अभियान चलाकर कार्य किया जाए।

रीवा-शहडोल

प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा तथा शहडोल संभाग के कृषि आदान की समीक्षा करते हुए कहा कि रीवा तथा शहडोल संभागों में पिछले कुछ वर्षों में उद्यानिकी फसलों में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। सिंचाई की सुविधा बढऩे से धान तथा गेंहू के क्षेत्राच्छादन एवं उत्पादन में वृद्धि हो रही है। किसानों को गेहंू तथा धान के स्थान पर सरसों, चना, मूंग, उड़द, अलसी तथा अन्य लाभकारी फसल लेने के लिये प्रेरित करें। कमिश्नर तथा कलेक्टर कृषि तथा इससे जुड़े विभागों की गतिविधियों की हर सप्ताह समीक्षा करें।

ग्वालियर-चंबल

किसानों की आय में वृद्धि के लिये उन्हें समय रहते योजनाओं का लाभ दिलाया जाना चाहिए। किसानों को खेती-किसानी के साथ उद्यानिकी और पशुपालन के लिये भी प्रोत्साहित करने के लिये विभागीय अधिकारियों को पाबंद किया जाये। कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) ने ग्वालियर-चम्बल संभाग के खरीफ कार्यक्रम और रबी तैयारियों की वर्चुअल समीक्षा में उक्त निर्देश दिये।

 

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