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राज्य कृषि समाचार (State News)

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में तेज होंगे प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुग्ध उत्पादन, संकलन और पशुपालकों की आय बढ़ाने के दिए निर्देश

22 अगस्त 2026, भोपाल: मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में तेज होंगे प्रयास – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश की ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के संकल्प के तहत संचालित गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, दुग्ध संकलन व्यवस्था को मजबूत करने तथा पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (एमपीसीडीएफ) और दुग्ध संघों का कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोजित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में दिए।

बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में करीब 2 हजार नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है और पिछले दो वर्षों से मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

27 प्रतिशत बढ़ा दुग्ध संकलन

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश में प्रतिदिन 8.73 लाख किलोग्राम दूध का संकलन हो रहा था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 9.66 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो गया। वर्ष 2026-27 में जुलाई माह तक यह आंकड़ा 9.75 लाख किलोग्राम प्रतिदिन पहुंच गया है। इस प्रकार दुग्ध संकलन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

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दुग्ध उत्पादकों को किए जाने वाले भुगतान में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024-25 में जहां दुग्ध उत्पादकों को 1,477 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 1,780 करोड़ रुपये हो गई।

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2028-29 तक 3,827 नई समितियों का लक्ष्य

प्रदेश में अब तक 1,926 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जबकि 801 निष्क्रिय समितियों को पुन: क्रियाशील बनाया गया है। वर्ष 2028-29 तक प्रदेश में 3,827 अतिरिक्त दुग्ध सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है। आगामी पांच वर्षों में कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियां स्थापित करने की योजना है।

ग्वालियर और जबलपुर संघ को ब्याज मुक्त ऋण

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा ग्वालियर दुग्ध संघ को दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण के लिए 470 लाख रुपये तथा जबलपुर दुग्ध संघ को 500 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे दोनों दुग्ध संघों की संकलन और प्रसंस्करण क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल व्यवस्था और महिला सदस्यता पर जोर

मुख्यमंत्री ने दुग्ध संकलन बढ़ाने के साथ विपणन कार्य में लगे मैदानी अमले की आईटी आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी डेयरी वैल्यू चेन का डिजिटलीकरण करने, दूध के साथ घी, दही और छाछ जैसे उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में नए दुग्ध पार्लर आवंटित करने तथा दुग्ध सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम स्थापित करने के प्रयास करने को कहा। मुख्यमंत्री ने एमपीसीडीएफ को महिला सदस्यों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।

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