फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

धान में KRI-PIC से लीफ ब्लास्ट व नेक ब्लास्ट पर प्रभावी नियंत्रण

26 अगस्त 2026, इंदौरधान में KRI-PIC से लीफ ब्लास्ट व नेक ब्लास्ट पर प्रभावी नियंत्रण – मध्य प्रदेश में धान की फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में पहुंच रही है। बढ़ती नमी और अनुकूल मौसम के कारण कई क्षेत्रों में ब्लास्ट रोग , विशेष रूप से लीफ ब्लास्ट और नेक ब्लास्ट , का खतरा बढ़ सकता है। समय पर नियंत्रण नहीं होने पर इसका सीधा असर पौधों की पत्तियों, बालियों और दानों के भराव पर पड़ सकता है।

इस संबंध में श्री गौरव राज सिंह, कृषि विशेषज्ञ, कृषि रसायन एक्सपोर्ट्स प्रा.लि.  से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि समय पर रोग पहचान एवं उचित प्रबंधन  जरूरी है । धान में ब्लास्ट रोग की पहचान शुरुआती अवस्था में कर लेना बेहद जरूरी है। पत्तियों पर लक्षण दिखाई देने लगे तो किसानों को तत्काल फसल का निरीक्षण कर उचित फफूंदनाशी का प्रयोग करना चाहिए। वहीं बालियां निकलने के आसपास नेक ब्लास्ट  का खतरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

KRI-PIC एक प्रभावी विकल्प  – गौरव राज सिंह ने बताया कि धान में लीफ ब्लास्ट और  नेक ब्लास्ट  दोनों के प्रबंधन के लिए KRI-PIC एक प्रभावी विकल्प है। इसमें Picoxystrobin 6.78% + Tricyclazole 20.33% SC का संयोजन है, जो दो अलग-अलग कार्यप्रणालियों के माध्यम से रोग नियंत्रण में मदद करता है।”  उन्होंने आगे बताया कि  KRI-PIC में  सिस्टेमिक  एवं  ट्रांस्लामीनार एक्शन होने के कारण यह पौधे में बीमारियों से बेहतर बचाव  प्रदान करने के लिए उपयोगी है। उत्पाद का प्रमुख फोकस धान में  लीफ ब्लास्ट  एवं  नेक ब्लास्ट  के प्रबंधन पर रखा गया है। विशेषज्ञ के अनुसार, किसानों को रोग की स्थिति, फसल की अवस्था और स्थानीय अनुशंसाओं के अनुसार समय पर छिड़काव करना चाहिए। निर्धारित मात्रा और उपयोग की विधि के लिए उत्पाद के पंजीकृत लेबल एवं लीफलेट  का पालन करना आवश्यक है।

किसानों के लिए सलाह –  धान के खेतों का नियमित निरीक्षण करें। पत्तियों पर ब्लास्ट के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करें। बालियां निकलने की अवस्था में  नेक ब्लास्ट  के जोखिम पर विशेष ध्यान दें तथा अनुशंसित फफूंदनाशी का सही समय एवं सही मात्रा में प्रयोग करें।

गौरव राज सिंह का संदेश –  “धान में ब्लास्ट रोग को हल्के में न लें। सही समय पर पहचान, उचित फफूंदनाशी और फसल की अवस्था के अनुसार प्रबंधन से रोग के प्रकोप को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।” KRI-PIC — धान में  लीफ ब्लास्ट  और नेक ब्लास्ट  के लिए डुअल-एक्शन फफूंदनाशी है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture