राज्य कृषि समाचार (State News)

श्योपुर में सुविधाजनक उर्वरक वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली शुरू

04 अप्रैल 2026, श्योपुर: श्योपुर में सुविधाजनक उर्वरक वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली शुरू – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को उर्वरक का वितरण 01 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है। उप संचालक कृषि श्री जीके पचौरिया ने बताया कि यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आसानी से समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिले में गत 15 जनवरी से पायलट के रूप में आंशिक तौर पर ई-विकास प्रणाली लागू की गई थी, अब 01 अप्रैल से पूर्ण रूप से ई-विकास प्रणाली का आरंभ कर दिया गया है।

योजना की मुख्य विशेषताएं डिजिटल टोकन जनरेशन एवं एसएमएस, मोबाइल एप के माध्यए से सूचना प्रदान करना एवं निष्पक्ष वितरण है। यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य सरलता एवं सुविधाजनक तरीके से किसानों को उर्वरक का वितरण करना है। इसके माध्यम से डिजिटल टोकन प्राप्त होगे तथा समान रूप से निष्पक्ष वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। किसान का पंजीकरण आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से ई-टोकन बुक किया जायेगा, जो डिजिटल पहचान और ट्रैकिंग को आसान बनाता है। लष्गिन उपरांत एग्रीस्टीक से प्राप्त  कृषक  की भूमि की जानकारी दिखने लगेगी। जिसके अंतर्गत भूमि के रकबे, सर्वे नंबर और फसल की जानकारी के साथ ही उर्वरक और रिटेलर विक्रेता की जानकारी शामिल है, कृषक यदि सहकारी समिति का सदस्य् है तो सहकारी संस्था का चयन किया जायेगा, यदि वह सहकारी समिति का सदस्य नही है तो विपणन संघ के नगद विक्रय केन्द्र, मार्केटिंग समिति एवं निजी विक्रेताओं का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर सकता है।

क्यूआर कोड को लेकर  कृषक  चयनित विक्रेता के पास पहुंचेगे और चयनित विक्रेता कृशक का ई-टोकन क्यूआर कोड स्कैन कर, कृशक द्वारा चयनित उर्वरक संबंधित  कृषक  को प्रदान करेंगे। इसके अलावा यदि किसान की भूमि एग्रीस्टीक के माध्यम से पोर्टल पर प्रदर्षित नही हो रही है, तो किसान पोर्टल पर आधार के द्वारा लगिन करके ट्रस्ट/पट्टा/अन्य किसानों के पंजीयन लिंक पर क्लिक करेंगे। खुले इंटरफेस में किसान को कुल भूमि (हेक्टे. में), कुल सिंचित भूमि (हेक्टे. में), खसरा नंबर, राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम, अनुभाग की जानकारी भरने के बाद सत्या्पन कर, सबमिट करेंगे। किसान द्वारा सबमिट की गई भूमि की जानकारी का सत्यापन संबंधित एसडीएम अथवा पटवारी द्वारा किया जाएगा। सत्यापन हो जाने के बाद, किसान पोर्टल पर लगिन कर, अपनी मांग के अनुसार ई-टोकन/कूपन जनरेट कर सकते है तथा नियत तिथि पर उर्वरक वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकते है। जनरेट किये गये ई-टोकन की वैद्यता 72 घंटे की रहेगी।

विकासखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित – जनपद पंचायत कराहल में विकास खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्व विभाग से राजस्व निरीक्षक, पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारियों को ई-विकास प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया, प्रशिक्षण में ई-टोकन जनरेशन प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री जीके पचौरिया, सीईओ जनपद श्री राकेश शर्मा, श्री मुनेश कुमार शाक्य सहायक संचालक कृषि, डीएमओ श्री सतेंद्र सिंह, श्री अरुण कुमार शाक्य कृषि विकास अधिकारी, श्री राहूल शर्मा सहकारिता निरीक्षक, श्री राजू जाटव वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी वि.ख. कराहल, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पंचायत विभाग, सहकारिता विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।

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