डिंडोर जिले में किसानों के लिए शुरू हुई ई-टोकन व्यवस्था
05 जून 2026, डिंडोर: डिंडोर जिले में किसानों के लिए शुरू हुई ई-टोकन व्यवस्था – खरीफ वर्ष 2026-27 के दौरान किसानों को उर्वरक वितरण में पारदर्शिता, सुविधा और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में ई-टोकन प्रणाली लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत किसान अब घर बैठे ऑनलाइन ई-टोकन बुक कर निर्धारित केंद्र से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल से किसानों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी और उर्वरकों का वितरण अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड एवं निजी विक्रेताओं के सहयोग से संचालित इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना तथा उर्वरक वितरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन एवं ई-टोकन जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। जिले में अब तक 62 उर्वरक विक्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 12,025 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 8,681 किसानों ने ई-टोकन प्राप्त किए हैं तथा 6,049 किसान निर्धारित केंद्रों से उर्वरक का उठाव भी कर चुके हैं। वर्तमान में जिले में 7,983.492 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
विभागीय अमला सक्रिय, नियंत्रण कक्ष स्थापित – ई-टोकन प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए जिले के सभी सचिवों एवं पटवारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही विभागीय मैदानी अमले, सहकारी समितियों, एफपीओ तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। इसमें कृषि विस्तार अधिकारी श्री रविन्द्र कुमार गुप्ता एवं कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री आकांक्षा सिंह उइके को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
घर बैठे ऐसे करें ई-टोकन बुक – किसान ई-विकास पोर्टल पर जाकर आधार कार्ड के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। ओटीपी सत्यापन के बाद भूमि अभिलेख एवं मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाएगा। इसके उपरांत भूमि एवं चयनित फसल के आधार पर खाद की पात्रता प्रदर्शित होगी। किसान अपनी सुविधा अनुसार संस्था या निजी विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर सकते हैं और सात दिनों के भीतर संबंधित केंद्र से खाद प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, वे अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क कर ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में राजस्व अधिकारियों द्वारा भूमि सत्यापन के उपरांत दो दिवस के भीतर ई-टोकन जारी करने की व्यवस्था भी की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ई-टोकन प्रणाली का अधिक से अधिक लाभ उठाकर समय पर उर्वरक प्राप्त करें तथा खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से पूर्ण करें।
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