खरपतवार अनुसन्धान निदेशालय और रानी दुर्गावती विवि ने किया एमओयू

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14 मार्च 2022, इंदौर ।  खरपतवार अनुसन्धान निदेशालय और रानी दुर्गावती वि वि ने किया एमओयू – 1989 में जबलपुर में राष्ट्रीय खरपतवार विज्ञान अनुसन्धान केंद्र की स्थापना की गई थी, जिसे वर्तमान में खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ,जबलपुर के नाम से जाना जाता है। यह खरपतवार अनुसन्धान पर कार्य करने वाला अनूठा संस्थान है। जिसने हाल ही में रानी दुर्गावती वि वि, जबलपुर के कुलपति की मौजूदगी में  विद्यार्थियों को अनुसन्धान,प्रशिक्षण की सुविधा और स्वरोज़गार देने के लिए एमओयू किया है।

निदेशालय के निदेशक डॉ जे एस मिश्र  ने बताया कि निदेशालय द्वारा अभी हाल ही में प्रो कपिल देव मिश्रा , कुलपति ,रानी दुर्गावती वि वि, जबलपुर की उपस्थिति में अनुसंधान और स्वरोज़गार के लिए रानी दुर्गावती विवि में अध्ययनरत /शोधरत विद्यार्थियों को प्रशिक्षण एवं अन्य सुविधाएं देने के लिए एमओयू किया है। इससे विवि के विद्यार्थियों को अनुसन्धान के लिए वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन और खरपतवारों को खत्म करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को अनुपयोगी खरतपवार के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को खरपतवार से केंचुआ खाद बनाने और बायो गैस के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा , जो स्वरोज़गार की नई राह खोलेगा।

उल्लेखनीय है कि खरपतवार अनुसंधान निदेशालय ,जबलपुर द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों से प्रशिक्षण , तकनीकी हस्तातन्तरण एवं संयुक्त रूप से अनुसन्धान करने हेतु अनुबंध किए हैं , जिसमें उच्च शिक्षा उत्कृष्ट संस्थान ,भोपाल ,विक्रम विवि उज्जैन ,ज ने कृ विवि जबलपुर,अनुराग नारायण कॉलेज पटना ,इंदिरा गाँधी कृषि विवि रायपुर ,म गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विवि चित्रकूट , अदामा इण्डिया प्रा लि हैदराबाद ,भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद् देहरादून ,यूपीएल प्रा लि मुंबई ,राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान रायपुर ,मंगलायतन विवि एवं महाकौशल विवि प्रमुख हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट ,फिलिपींस से अनुबंध हेतु प्रयास किया जा रहा है।

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