दिल्ली को दिया जा रहा है उसके हक का पूरा पानी – मुख्यमंत्री

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सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार दिया जा रहा है 1049 क्यूसेक पानी, गलत बयानबाजी कर ओछी राजनीति कर रही है दिल्लीस सरकार – मनोहर लाल

21 मई 2022, चंडीगढ़ । दिल्ली को दिया जा रहा है उसके हक का पूरा पानी – मुख्यमंत्री – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा दिल्ली को उसके हक का पूरा पानी दे रहा है। हालांकि हरियाणा की पानी की अपनी जरूरत में कमी होने के बावजूद भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार और प्रदेशों के समझौतों के अनुसार दिल्ली को उसके हिस्से का 1049 क्यूसेक पूरा पानी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाया है, तो हमेशा यह साबित हुआ है कि हरियाणा मुनक हेडवर्क्स से दिल्ली को उसके हिस्से के 719 क्यूसेक के मुकाबले 1049 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार गलत बयानबाजी कर ओछी राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री मनोहर लाल ने  यहां प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पानी के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय, दिल्ली सरकार को पंजाब सरकार को जल्द से जल्द हरियाणा के वैध हिस्से का पानी देने के ‌लिए मनाना चाहिए। जिस दिन पंजाब हरियाणा को उसके हिस्से का पूरा पानी दे देगा तब दिल्ली को भी अधिक पानी मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा दिल्ली के हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नांगलोई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और वजीराबाद/चन्द्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पानी की आपूर्ति करता आ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने 29 फरवरी 1996 को हरियाणा सरकार को निर्देश दिए थे कि दिल्ली को प्रतिदिन 330 क्यूसिक अतिरिक्त पानी दिया जाए। इससे पहले दिल्ली का पानी में हिस्सा प्रतिदिन 719 क्युसिक था। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में दिल्ली को प्रतिदिन 1049 क्यूसिक पानी दिया जा रहा है। फिर भी दिल्ली सरकार पानी को लेकर झूठ बोल रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को यह समझना चाहिए कि उनकी पेयजल की आवश्यकता को पूरा करना अकेले हरियाणा की जिम्मेदारी नहीं है। हमारी तरह वे भी जल प्रबंधन योजनाएँ बनाने की दिशा में कार्य कर सकते हैं।

हरियाणा में अब बिजली की कोई कमी नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में 1800 मैगावाट तक बिजली की कमी चल रही थी। बिजली की यह कमी कई स्रोतों से बिजली न मिलने और साथ ही समय से पहले अत्यधिक गर्मी पड़ने के कारण हुई, जिससे पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष बिजली की खपत अधिक हुई है। वर्तमान समय में बिजली की मांग पिछले साल की तुलना में 700 से 800 लाख यूनिट अधिक है। इस समय राज्य की अधिकतम मांग 9874 मैगावाट तक पहुंच गई है जबकि बिजली की आपूर्ति भी 9874 मैगावाट है। गत 16 मई से हम खपत के बराबर बिजली आपूर्ति करने में सफल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अडाणी की यूनिटों से भी 600 मैगावाट बिजली मिलनी शुरू हो गई है तथा वहां से और भी बिजली मिलने की संभावना है। आगामी 30 मई तक खेदड़ यूनिट-2 से अतिरिक्त 600 मैगावाट बिजली उपलब्ध हो जाने की सम्भावना है। इसी तरह 26 मैगावाट सौर व पवन ऊर्जा मिलने लगी है और 15 जून तक 127 मैगावाट सौर ऊर्जा और भी उपलब्ध हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि उपलब्धता बढ़ने से एपी उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई शेड्यूल बढ़ाकर प्रतिदिन 8 घंटे निर्बाध कर दिया जाएगा। आगामी 1 जून से यह मांग और भी बढ़ने की संभावना है क्योंकि कृषि क्षेत्र में धान के लिए जमीन तैयार करनी शुरू हो जाएगी और 15 जून से धान की रोपाई शुरू होगी। उन्होंने कहा कि धान की खेती के लिए प्रतिदिन राज्य में 6 लाख 61 हजार नलकूप चलाए जाते हैं। जिससे बिजली की मांग बढ़कर 24 करोड़ यूनिट हो जाएगी। इस बिजली की आपूर्ति के लिए जम्मू-कश्मीर से 300 मैगावाट बिजली का प्रबंध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य से बाहर भी बिजली संयंत्र स्थापित करने की भी योजना है। इसके अलावा, राज्य द्वारा विभिन्न बिजली बचत उपायों को भी अपनाया गया है।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि बिजली की आपूर्ति बढ़ाने के साथ साथ बचत पर भी जोर दिया जा रहा है। उजाला योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब तक कुल 1.56 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए गए हैं। इससे प्रति वर्ष 2027 मिलियन यूनिट की बचत हुई है और पीक डिमांड में  406 मैगावाट की कमी आई है। इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब तक कुल 2,13,302 एलईडी ट्यूबलाइट वितरित की जा चुकी हैं। इससे प्रति वर्ष 9.34 मिलियन यूनिट ऊर्जा की बचत हुई है और उजाला पोर्टल डैशबोर्ड के अनुसार पीक डिमांड में 4 मैगावाट की कमी आई है।

इसके अलावा,  उजाला योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को कुल 60,709 ऊर्जा कुशल पंखे वितरित किए गए हैं। इससे प्रति वर्ष 5.65 मिलियन यूनिट ऊर्जा की बचत हुई है और पीक डिमांड में 2 मैगावाट की कमी आई है।

हरियाणा खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2022 के लिए पूरी तरह तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा 4 जून से 13 जून, 2022 तक होने वाले खेलो इंडिया-2024 प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस भव्य खेल उत्सव के दौरान, पंचकूला, अंबाला, शाहाबाद और दिल्ली में विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में देशभर के करीब 8500 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन को दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए यादगार बनाने के लिए विभिन्न पहल की गई है। खिलाड़ियों के भोजन, आवास और यातायात सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी की जा चुकी हैं।

महर्षि कश्यप और संत कबीर जयंती पर होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 मई 2022 को करनाल में महर्षि कश्यप की जयंती मनाने के लिए राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह 14 जून 2022 को संत कबीरदास जयंती के अवसर पर भी इसी तरह का एक और समारोह आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री डीएस ढेसी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्त आयुक्त श्री पी.के.दास, नगर एवं ग्राम आयोजना एवं शहरी संपदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचकूला के मुख्य प्रशासक श्री अजीत बालाजी जोशी और कृषि विभाग के महानिदेशक श्री हरदीप सिंह भी इस मौके पर मौजूद रहे।

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