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राज्य कृषि समाचार (State News)

सोयाबीन के घटे दामों से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर

21 अगस्त 2024, भोपाल: सोयाबीन के घटे दामों से किसानों के माथे पर चिंता की लकीर –  प्रदेश में सोयाबीन के घटे दामों के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई है। किसानों की यदि माने तो अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में उन्होंने सोयाबीन का स्टॉक कर रखा था लेकिन जिस तरह से मंडी में भाव मिल रहे है उससे किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।

तेल मिलें भी डरी हुई है

जिस तरह से किसान सोयाबीन के घटे हुए दामों से परेशान है उससे प्रदेश के तेल उद्योग भी डरे हुए है। दरअसल तेल उद्योगों ने किसानों की परेशानी भांप ली है। बता दें कि प्रदेश में सोयाबीन तेल का निर्माण करने वाले बड़ी संख्या में तेल मिले है, जिनके द्वारा किसानों से सोयाबीन खरीदी की जाती है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तेल मिलें हैं। हालांकि उनमें भी सोयाबीन की खरीद व क्रशिंग कम हो रही है।

2021-22 में खाद्य तेलों के दाम बढ़ने के बाद सरकार ने सोयाबीन वायदा पर प्रतिबंध लगाया था व खाद्य तेलों के आयात की अनुमति दे दी। दि सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन आफ इंडिया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि खाद्य तेलों के आयात पर ड्यूटी बढ़ानी चाहिए।

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नकदी फसल है सोयाबीन

बता दें कि सोयाबीन प्रदेश की प्रमुख फसल है और यह फसल नकदी मानी जाती है। किसानों का कहना है कि यही एक ऐसी फसल है जिसे बेचने पर हाथों हाथ नकदी मिलती है लेकिन जिस तरह से दाम घटे हुए है उससे किसान परेशान हो रहे है। कीमत करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल और घट गई है। 2021 के बेहतर दामों का अनुभव ले चुके किसानों को उम्मीद थी कि दाम बढ़ेंगे और 6000 रुपये से ऊपर उन्हें कीमत मिलेगी।

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2021 में सोयाबीन के भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे।  2022 अगस्त में सोयाबीन 5800 रुपये से 6000 रुपये क्विंटल बिका था। 2023 अगस्त में सोयाबीन के दाम पांच हजार रुपये क्विंटल थे। 

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