डबरा के उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित
बिना ई-टोकन खाद बेचना भारी पड़ा
17 अप्रैल 2026, ग्वालियर: डबरा के उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित – ग्वालियर जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत ‘ई-विकास’ (ई-टोकन) प्रणाली लागू की गई है। जिसके तहत शासकीय संस्थाओं के साथ-साथ निजी खाद विक्रेताओं को भी ई-टोकन व्यवस्था के तहत खाद वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बिना ई-टोकन के खाद बेचने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास को दिए हैं। इस कड़ी में उर्वरक वितरण नियमों का उल्लंघन करने पर पिछोर तिराहा डबरा स्थित प्राइवेट खाद विक्रेता फर्म श्रीराम कृषि सेवा केन्द्र का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री आर.बी.एस. जाटव ने बताया कि जांच और परीक्षण के दौरान पाया गया कि मेसर्स श्रीराम कृषि सेवा केंद्र, पिछोर तिराहा (डबरा) द्वारा 01 अप्रैल से 02 अप्रैल 2026 के मध्य बिना टोकन के खाद का विक्रय किया गया। नियम विरुद्ध खाद बेचने पर संबंधित फर्म (प्रोपेयटर श्री शालिक राम बघेल) को विभाग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। लेकिन फर्म द्वारा न तो समय सीमा में जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही विभागीय निर्देशों का पालन किया गया। इसे शासकीय आदेशों की स्पष्ट अवहेलना और गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खण्ड 31 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मेसर्स श्रीराम कृषि सेवा केंद्र के फुटकर उर्वरक विक्रय अधिकार पत्र (पंजीयन क्रमांक: RS/421/1401/4/2024) को निलंबित कर दिया गया है। लाइसेंस की वैधता 18 जनवरी 2029 तक थी, जो अब इस कार्रवाई के बाद प्रभावी नहीं रहेगी।
जिला प्रशासन ने जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या ई-टोकन प्रणाली के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों के हित में जारी सरकारी निर्देशों का पालन अनिवार्य है। निर्देशों का पालन न करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध भी इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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