राज्य कृषि समाचार (State News)

अब एक ही वार्षिक ऋण सीमा में मिलेगा फसल ऋण, समय पर भुगतान करने पर ब्याज सुण्या शून्य

डॉ. मोहन यादव सरकार का बड़ा फैसला

03 जुलाई 2026, भोपाल: अब एक ही वार्षिक ऋण सीमा में मिलेगा फसल ऋण, समय पर भुगतान करने पर ब्याज सुण्या शून्य – प्रदेश के किसानों को खेती के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी। अहम बदलाव भी किए हैं।

अब खरीफ रबी के लिए एक ही वार्षिक ऋण सीमा

नई व्यवस्था के तहत अब पूरे वर्ष के लिए एक ही वार्षिक ऋण सीमा (Annual Credit Limit) तय की जाएगी। इसी सीमा के भीतर किसानों को नगद ऋण और वस्तु (इनपुट) ऋण की अलग-अलग उप-सीमाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस बदलाव से किसानों को बार-बार ऋण प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा ।

ऋण चुकाने के लिए 12 महीने का समय

नई व्यवस्था में किसान जिस दिन अपनी स्वीकृत वार्षिक ऋण सीमा से पहली बार राशि निकालेंगे, उसी तारीख से 12 माह के भीतर पूरा ऋण चुकाना होगा। इससे ऋण की समय सीमा स्पष्ट रहेगी और किसानों को भुगतान की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

समय पर भुगतान करने वालों को मिलेगा शून्य प्रतिशत ब्याज का लाभ

राज्य सरकार की ओर से 1.25 प्रतिशत सामान्य व्याज अनुदान दिया जाएगा। साथ ही जो किसान निर्धारित तारीख तक पूरा ऋण चुका देंगे, उन्हें अतिरिक्त 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा।

केंद्र सरकार से मिलने वाली व्याज सहायता को समायोजित करने के बाद शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। इसका लाभयह होगा कि समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ेगा।

सहकारी समितियों के माध्यम से मिलेगा ऋण

प्रदेश में यह योजना वर्ष 2012-13 से संचालित है। इसके तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से किसानों को अल्पावधि फसल ऋण उपलब्ध कराया जाता है। नई व्यवस्था भी इसी तंत्र के माध्यम से लागू रहेगी।

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